Newzfatafatlogo

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव: ट्रंप का सैन्य कार्रवाई जारी रखने का बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका युद्धविराम की कोई इच्छा नहीं रखता और सैन्य कार्रवाई को जारी रखेगा। ब्रिटेन ने ईरान से जुड़े हमलों के लिए अमेरिकी सेना को अपने सैन्य अड्डों का उपयोग करने की अनुमति दी है। इस बीच, ईरान के नेता मोजतबा खामेनेई ने इजरायल पर हमले करने का आरोप लगाया है। क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है, और प्रमुख देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर एक संयुक्त बयान जारी किया है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो रहा है।
 | 
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव: ट्रंप का सैन्य कार्रवाई जारी रखने का बयान

अमेरिका की सैन्य कार्रवाई जारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका युद्धविराम की कोई इच्छा नहीं रखता और सैन्य कार्रवाई को जारी रखेगा। ब्रिटेन ने अमेरिकी सेना को ईरान से जुड़े हमलों के लिए अपने सैन्य ठिकानों का उपयोग करने की अनुमति दी है। इस बीच, ईरान के नेता मोजतबा खामेनेई ने इजरायल पर पड़ोसी देशों में हमले करने का आरोप लगाया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। मध्य पूर्व में संघर्ष प्रमुख देशों के कड़े बयानों और नए घटनाक्रमों के साथ और तीव्र होता जा रहा है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस समय युद्धविराम की तलाश में नहीं है। व्हाइट हाउस से निकलने से पहले उन्होंने जोर देकर कहा कि सैन्य अभियान प्राथमिकता है। हालांकि, उन्होंने बातचीत की संभावना को भी खारिज नहीं किया, लेकिन फिलहाल लड़ाई को रोकने का कोई इरादा नहीं है।


ब्रिटेन का समर्थन

ब्रिटेन ने ईरानी मिसाइल खतरों से निपटने के लिए अमेरिकी सेना को अपने सैन्य अड्डों का उपयोग करने की अनुमति दी है। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा करना है, जो एक महत्वपूर्ण वैश्विक समुद्री मार्ग है। ट्रंप ने ब्रिटेन के इस निर्णय पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम पहले उठाया जाना चाहिए था। इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने इजरायल पर ओमान और तुर्की में हमले करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच गलतफहमी और तनाव पैदा करना था।


संयुक्त बयान पर चर्चा

संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, चेकिया, रोमानिया, बहरीन, लिथुआनिया और ऑस्ट्रेलिया के नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर एक संयुक्त बयान जारी किया है। बयान में कहा गया है कि वे खाड़ी में निहत्थे वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। इसके अलावा, बयान में ईरान से आग्रह किया गया है कि वह अपनी धमकियों और वाणिज्यिक जहाजों के लिए जलडमरूमध्य को अवरुद्ध करने के प्रयासों को तुरंत बंद करे।