अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में बाधाएं: ट्रंप का बयान
बातचीत में रुकावटें
अमेरिका और ईरान के बीच संवाद की कोशिशें लगातार जारी हैं, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकल रहा है। अमेरिका ने अपने प्रतिनिधि का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया है, जबकि ईरानी विदेश मंत्री बिना किसी बातचीत के अपने देश लौट गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने कई प्रस्ताव दिए, लेकिन उन्होंने उन्हें अस्वीकार कर दिया। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें नहीं पता कि ईरान का नेता कौन है, और यदि ईरान को बातचीत करनी है, तो उन्हें कॉल करना होगा।
सीजफायर पर ट्रंप का रुख
ईरान के साथ सीजफायर के मुद्दे पर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस पर अभी विचार नहीं किया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने देश लौटने के बाद कहा है कि वह ओमान की यात्रा के बाद फिर से पाकिस्तान आ सकते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने एक ऐसा ढांचा प्रस्तुत किया है, जिसके माध्यम से अमेरिका-ईरान युद्ध को समाप्त किया जा सकता है। अब यह देखना है कि अमेरिका इस पर कितना गंभीर है।
ट्रंप का ऑफर अस्वीकार
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बातचीत के संदर्भ में कहा, 'ईरान ने हमें एक कागज दिया था जो बेहतर हो सकता था। जैसे ही मैंने उसे रद्द किया, हमें 10 मिनट में एक नया कागज मिला जो पहले से बेहतर था। हमारी बातचीत में यह तय हुआ कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। यह एक स्पष्ट बात है।'
प्रतिनिधि दौरे की रद्दीकरण
ट्रंप ने अपने ट्रुथ अकाउंट पर लिखा, 'मैंने इस्लामाबाद जाने वाले अपने प्रतिनिधि का दौरा रद्द कर दिया है। बहुत समय बर्बाद हो चुका है और हमारे पास बहुत काम है। ईरान में नेतृत्व को लेकर संघर्ष और भ्रम है। कोई नहीं जानता कि किसके पास कमान है। अगर उन्हें बातचीत करनी है, तो उन्हें कॉल करनी होगी।'
पाकिस्तान पर ट्रंप की टिप्पणी
ट्रंप ने पाकिस्तान के बारे में कहा, 'पाकिस्तान शानदार है। फील्ड मार्शल और प्रधानमंत्री शानदार हैं। हम 15-16 घंटे की यात्रा करके ऐसे लोगों से नहीं मिल सकते जिनके बारे में किसी ने सुना ही नहीं।' उन्होंने यह भी कहा कि मंगलवार को बातचीत होने की बात पर उन्होंने कहा कि इसमें बहुत समय है।
ईरानी विदेश मंत्री की यात्रा
ईरानी दूतावास ने बताया कि अराघची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की, जहां दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय मुद्दों और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इसहाक डार और आसिम मुनीर भी इस बैठक में शामिल थे। एक अधिकारी ने कहा कि अराघची ने पाकिस्तान को ईरान की चिंताओं के बारे में बताया है, जिन्हें अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल के सामने रखा जाएगा। यदि अमेरिका इन चिंताओं को दूर करने के लिए सहमत होता है, तो इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत का अगला दौर हो सकता है।
