अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध: कुर्दों की भूमिका पर ट्रंप की टिप्पणी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के सातवें दिन स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुर्द लड़ाकों का समर्थन करते हुए कहा है कि यदि ये समूह खाड़ी युद्ध में शामिल होने का निर्णय लेते हैं, तो यह एक सकारात्मक कदम होगा। 79 वर्षीय ट्रंप ने एक टेलीफोन इंटरव्यू में कहा, "मुझे लगता है कि उनका ऐसा करना बहुत अच्छा होगा, मैं इसका पूरा समर्थन करता हूं।" यह बयान तब आया है जब रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईरानी कुर्द इस्लामिक गणराज्य में सैन्य कार्रवाई की योजना बना रहे हैं। ईरानी कुर्द, जो 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद अपने कस्बों और गांवों के नष्ट होने का दावा करते हैं, मुख्य रूप से उत्तरी इराक में निवास करते हैं। एक समाचार रिपोर्ट के अनुसार, वे सीमा पार सैन्य अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।
कुर्दों की पहचान
ट्रम्प की टिप्पणियों ने एक बार फिर कुर्दों पर ध्यान केंद्रित किया है, जो मध्य पूर्व में एक अल्पसंख्यक समुदाय हैं और मुख्य रूप से इराक, सीरिया, तुर्की और आर्मेनिया में बसते हैं। उनकी जनसंख्या लगभग 30 से 40 मिलियन है, लेकिन उनका कोई स्वतंत्र देश नहीं है। यह ध्यान देने योग्य है कि प्रथम विश्व युद्ध के बाद कुर्दों को एक अलग राष्ट्र का वादा किया गया था। पिछले कई वर्षों से, कुर्द मध्य पूर्व में एक स्वतंत्र राष्ट्र की मांग कर रहे हैं। उन्होंने इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के खिलाफ लड़ाई में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अमेरिका की मदद से इस आतंकवादी समूह को हराने में योगदान दिया।
ईरान में कुर्दों की स्थिति
ईरान की कुल जनसंख्या में कुर्दों की संख्या लगभग 8 से 17 प्रतिशत है। 1946 में, उन्होंने महाबाद गणराज्य नामक एक कुर्द राज्य की स्थापना की थी, लेकिन ईरानी सेना ने उस पर नियंत्रण कर लिया। रिपोर्ट के अनुसार, शाह मोहम्मद रजा पहलवी के शासनकाल में कुर्दों को भारी उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद, उनके खिलाफ उत्पीड़न और बढ़ गया, जिसमें हजारों कुर्द मारे गए। ईरान ने कुर्दों पर अलगाववादी होने का आरोप लगाया है, जो ईरान से अलग एक राष्ट्र की स्थापना करना चाहते हैं। अब, इनमें से कई कुर्द समूह उत्तरी इराक में निवास करते हैं, जिससे बगदाद और तेहरान के बीच तनाव बढ़ता है।
