अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता: ट्रंप की कड़ी चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का दूसरा दौर
अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का दूसरा चरण जल्द ही शुरू होने वाला है। डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी कि सोमवार को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचेगा, जहां स्थायी युद्धविराम के उपायों पर चर्चा की जाएगी। ट्रंप ने एक धमकी भरे स्वर में कहा कि हम एक अच्छी डील की पेशकश कर रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि ईरान इसे स्वीकार करेगा। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो अमेरिका ईरान के सभी पावर प्लांट और पुलों को नष्ट कर देगा। अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
वहीं, ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन समझौता अभी भी काफी दूर है। तेहरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने कहा कि जब हमारे जहाज इस जलडमरूमध्य से नहीं गुजर सकते, तो दूसरों को भी अनुमति देना असंभव है। उनके इस बयान से टकराव की संभावना बढ़ गई है।
'गोली चलाकर ईरान ने ठीक नहीं किया'
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'ईरान ने कल होर्मुज जलडमरूमध्य में गोलियां चलाने का निर्णय लिया। यह हमारे युद्धविराम समझौते का उल्लंघन है। कई गोलियां एक फ्रांसीसी जहाज और यूनाइटेड किंगडम के एक मालवाहक जहाज को निशाना बनाकर चलाई गईं। यह बिल्कुल भी उचित नहीं था।'
ट्रंप की चेतावनी
ट्रंप ने आगे कहा, 'मेरे प्रतिनिधि इस्लामाबाद (पाकिस्तान) जा रहे हैं और कल शाम वहां बातचीत के लिए पहुंचेंगे। ईरान ने हाल ही में होर्मुज को बंद करने की घोषणा की है, जो अजीब है, क्योंकि हमारी नाकेबंदी ने इसे पहले ही बंद कर दिया है। वे अनजाने में हमारी मदद कर रहे हैं और इस मार्ग के बंद होने से उन्हें हर दिन 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है। अमेरिका को इससे कोई नुकसान नहीं है।'
'पावर प्लांट और पुलों को तबाह करेंगे'
ट्रंप ने कहा कि कई जहाज अभी अमेरिका के टेक्सास, लुइसियाना और अलास्का की ओर जा रहे हैं, ताकि वहां से माल लाद सकें। यह सब आईआरजीसी की मेहरबानी से हो रहा है, जो हमेशा खुद को 'कठोर आदमी' साबित करने की कोशिश में रहता है। हम एक निष्पक्ष और उचित समझौता पेश कर रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि वे इसे स्वीकार करेंगे। यदि ऐसा नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान के हर पावर प्लांट और पुल को नष्ट कर देगा। अब और कोई नरमी नहीं!
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान जल्दी ही घुटने टेक देगा। यदि वे इस समझौते का पालन नहीं करते हैं, तो जो कदम पिछले 47 वर्षों में अन्य राष्ट्रपतियों द्वारा उठाए जाने चाहिए थे, उन्हें उठाना मेरे लिए गर्व की बात होगी। अब ईरान की इस 'किलिंग मशीन' को समाप्त करने का समय आ गया है।
