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अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता में नई प्रगति, होर्मुज जलसंधि पर सहमति

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है, जिसमें ईरान ने होर्मुज जलसंधि को खुला रखने पर सहमति जताई है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि ईरान ने अमेरिका को एक नया प्रस्ताव दिया है, जिसे बातचीत के लिए एक ठोस आधार माना जा रहा है। ट्रंप ने ईरान के पहले प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, लेकिन अब दोनों देशों के बीच दो हफ्ते का सीज फायर तय हुआ है। इस वार्ता पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं, खासकर मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में।
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अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता में नई प्रगति, होर्मुज जलसंधि पर सहमति

ईरान की सहमति और अमेरिका का नया प्रस्ताव

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता में एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलसंधि को खुला रखने पर सहमति दी है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि दुनिया के कई हिस्सों का कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। लेविट ने यह भी कहा कि ईरान ने अमेरिका को एक नया प्रस्ताव प्रस्तुत किया है, जिसे आगे की बातचीत के लिए एक मजबूत आधार माना जा रहा है। इससे पहले, ईरान ने 10 बिंदुओं वाला एक योजना पेश की थी, जिसे पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया गया था। उनका कहना था कि यह प्रस्ताव इतना कमजोर था कि डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।


सीज फायर के बीच ट्रंप का कड़ा रुख

सीज फायर की घोषणा के बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है। लेविट ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान का प्रारंभिक 10 बिंदुओं का प्रस्ताव अमेरिका को बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। ट्रंप ने इसे गंभीरता से न लेते हुए सीधे कूड़ेदान में फेंक दिया। लेविट के अनुसार, ट्रंप और उनकी टीम ने बिना किसी देरी के इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया, क्योंकि यह अमेरिका की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा और इसमें अव्यवहारिक मांगें थीं।


बातचीत का नया आधार और सीज फायर

हालांकि, लेविट ने यह भी बताया कि ईरान ने दो अलग-अलग 10 बिंदुओं के प्रस्ताव पेश किए थे। पहला प्रस्ताव जिसे खारिज कर दिया गया, और दूसरा संशोधित प्रस्ताव जिसे बातचीत के लिए स्वीकार्य माना गया। इसी दूसरे प्रस्ताव के आधार पर अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीज फायर तय हुआ है। अब दोनों देश इसी आधार पर आगे की बातचीत करेंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान को यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह से बंद करना होगा। अमेरिका परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई समझौता नहीं करने के मूड में है। ट्रंप ने इसे एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत बताया है। अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत इस सप्ताह के अंत में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होगी, जहां अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाइस प्रेसिडेंट जे डी वेंस करेंगे, जबकि ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिफाब शामिल होंगे।


विश्व की नजरें वार्ता पर

इस बातचीत पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं, जो मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध का भविष्य तय करेगी। हालाँकि, हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स आई हैं कि सीज फायर की घोषणा के बावजूद इजराइल ने लेबनान पर हमले जारी रखे हैं। इससे ईरान भी अपनी स्थिति को स्पष्ट करने में हिचकिचा रहा है। अब देखना होगा कि यह सीज फायर कितना प्रभावी साबित होता है।