अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता: युद्धविराम पर बढ़ता तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता
इस्लामाबाद में शनिवार को अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता होने जा रही है। इस बैठक में स्थायी युद्धविराम पर चर्चा की जाएगी। अमेरिका ने ईरान को 15 बिंदुओं का प्रस्ताव भेजा है, जबकि ईरान ने अमेरिका के सामने 10 प्रमुख मांगें रखी हैं। हालांकि, वार्ता से पहले ही मध्य पूर्व का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। बुधवार को इजरायल के हमले के जवाब में हिजबुल्लाह ने गुरुवार सुबह इजरायल पर रॉकेटों की बौछार कर दी।
इजरायली सेना के अनुसार, आज सुबह से अब तक हिजबुल्लाह ने लेबनान से उत्तरी इजराइल पर लगभग 30 रॉकेट दागे हैं। इनमें से कई रॉकेटों को या तो रोक दिया गया या उन्हें खाली क्षेत्रों में गिरने दिया गया। हालांकि, अभी तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
पाकिस्तान और ईरान का कहना है कि युद्धविराम समझौते में लेबनान को शामिल किया गया है, जबकि इजरायल और अमेरिका का कहना है कि लेबनान इससे बाहर है। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के कारण युद्धविराम पर सवाल उठने लगे हैं, और इसके टूटने का खतरा भी बढ़ गया है। ईरान ने इजरायल पर लेबनान पर हमले का आरोप लगाते हुए युद्धविराम का उल्लंघन करने का दावा किया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने रिपोर्ट किया है कि आईआरजीसी इजरायल के खिलाफ हमले की तैयारी कर रहा है। इस बीच, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने चेतावनी दी है कि लेबनान पर इजरायल के लगातार हमले युद्धविराम समझौते को कमजोर कर सकते हैं और तनाव को बढ़ा सकते हैं। दूसरी ओर, फ्रांस और ब्रिटेन ने लेबनान में तुरंत युद्धविराम की मांग की है।
नेतन्याहू का युद्ध का संकेत
नेतन्याहू ने दिया हमले का संकेत
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने युद्धविराम के बावजूद जंग के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान पहले से कहीं अधिक कमजोर हो गया है, जबकि इजरायल पहले से कहीं अधिक मजबूत है। उन्होंने यह भी कहा कि हमने ईरान में आतंकवादी शासन को कई साल पीछे धकेल दिया है और उसकी नींव को हिला दिया है।
उन्होंने यह स्पष्ट किया कि युद्धविराम का मतलब यह नहीं है कि ईरान के खिलाफ इजरायल के प्रयास समाप्त हो गए हैं, बल्कि यह इजरायल के सभी लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इजरायल किसी भी समय लड़ाई में लौटने के लिए तैयार है। उनकी उंगली ट्रिगर पर है।
