अमेरिका और रूस के बीच बढ़ता तनाव: तेल टैंकर पर कब्जा
अमेरिका की नई हरकतें
हाल के दिनों में अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ जो कदम उठाए थे, अब वही कदम उसने रूस के खिलाफ भी उठाने शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के कई तेल टैंकरों पर हमले किए थे और अब उसने रूस के तेल टैंकरों पर भी कब्जा करना शुरू कर दिया है।
रूस का एक तेल टैंकर, बेला वन, वेनेजुएला से रूस की ओर जा रहा था। जब अमेरिका की सेना ने इस पर कब्जा करने की योजना बनाई, तो रूस ने इसकी सुरक्षा के लिए अटलांटिक महासागर में पनडुब्बियां तैनात कीं।
हालांकि, अमेरिकी नेवी के हेलीकॉप्टरों ने अचानक इस टैंकर पर हमला कर दिया। अमेरिकी सैनिक रस्सियों के सहारे टैंकर पर चढ़ गए और उस पर कब्जा कर लिया। इस कार्रवाई से रूस में आक्रोश फैल गया है।
रूस की प्रतिक्रिया
रूस ने अमेरिका की इस दादागिरी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रूस के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अमेरिका को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
रूसी सांसद अलेक्सी जुरालेव ने कहा है कि अमेरिका खुद को सभी कानूनों से ऊपर समझने लगा है। यदि अमेरिका इसी तरह की कार्रवाइयां जारी रखता है, तो इसका जवाब सैन्य स्तर पर भी दिया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि रूस को मजबूती से जवाब देने की आवश्यकता है और यह भी संभव है कि रूस न्यूक्लियर हथियारों का इस्तेमाल करने पर विचार करे।
विश्व युद्ध का खतरा
इस तनाव के चलते अब यह चिंता बढ़ गई है कि यह स्थिति तीसरे विश्व युद्ध का कारण बन सकती है। अमेरिका की इस कार्रवाई ने वैश्विक स्तर पर नई तबाही का खतरा पैदा कर दिया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला पर हमले के जरिए यह सोच लिया था कि वह किसी भी देश को घुटनों पर ला सकते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि रूस एक शक्तिशाली परमाणु महाशक्ति है।
