अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता तनाव: नई सैन्य कार्रवाई की शुरुआत
अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला
हाल के दिनों में अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव बढ़ गया था, जो अब एक नए युद्ध की ओर बढ़ गया है। अमेरिका ने वेनेजुएला पर एक बड़े पैमाने पर हमला किया है, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक असाधारण रात के अभियान के रूप में वर्णित किया। इस हमले की घोषणा ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कुछ घंटों बाद की। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के कार्यालय ने देश में आपातकाल की स्थिति की घोषणा कर दी है। जैसे ही यह खबर फैली, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें वेनेजुएला से बाहर ले जाया गया है। अमेरिका ने वेनेजुएला के प्रमुख सैन्य ठिकानों पर हमला किया है, जिसके परिणामस्वरूप पूरे देश में अफरा-तफरी मच गई है। चारों ओर चीखें और धुआं ही धुआं है, और कई बड़े शहरों में अमेरिकी मिसाइलों के हमलों से भारी तबाही हो रही है।
अमेरिका के लक्षित ठिकाने
अमेरिका ने निम्नलिखित ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है:
- फोर्ट ट्यूना - काराकस का मुख्य सैन्य बेस
- ला कार्लोटा - काराकस का मुख्य एयरबेस
- एल वोल्कान - मुख्य रडार स्टेशन
- ला गुयेरा पोर्ट - वेनेजुएला का प्रमुख बंदरगाह
- इगुएरोटे एयरपोर्ट - मिरांडा राज्य का हवाई अड्डा
रूस का प्रतिक्रिया
हाल ही में रूस ने कैरेबियन सागर में अमेरिका की बढ़ती गतिविधियों की आलोचना की और वेनेजुएला को पूरा समर्थन देने का ऐलान किया। रूस की ओर से सैन्य सहायता देने की भी चर्चा हो रही है। रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के खिलाफ की गई सशस्त्र आक्रामकता की निंदा की और संयम बरतने का आग्रह किया। मंत्रालय ने कहा कि इन कार्रवाइयों को उचित ठहराने के लिए दिए गए बहाने निराधार हैं। रूस ने संवाद का आह्वान किया और कहा कि वह राजनयिक प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार है।
चीन की आपात बैठक
वेनेजुएला पर हमले के बाद चीन में एक आपात बैठक बुलाई गई है। चीन ने भी वेनेजुएला का समर्थन किया है और अमेरिका के एकतरफा कदमों की निंदा की है। अमेरिका की एयर स्ट्राइक के बाद रूस और चीन में हलचल देखने को मिल रही है, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह संघर्ष और भीषण हो सकता है। ईरान भी वेनेजुएला के समर्थन में उतर आया है और अपने हथियारों को सक्रिय कर दिया है।
