अमेरिका का ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य कदम: दक्षिण चीन सागर से भेजा गया स्ट्राइक ग्रुप
अमेरिका ने उठाया महत्वपूर्ण सैन्य कदम
नई दिल्ली: अमेरिका ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण सैन्य कदम उठाया है। पेंटागन ने दक्षिण चीन सागर से एक विमानवाहक पोत स्ट्राइक ग्रुप को मध्य पूर्व की दिशा में भेजा है। यह ग्रुप यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के क्षेत्र में तैनात होगा, जहां ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और हिंसक दमन के कारण स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
स्ट्राइक ग्रुप की तैनाती
एक हफ्ते में पहुंचेगा ग्रुप
यह स्ट्राइक ग्रुप मुख्य रूप से यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत पर आधारित है, जिसमें कई युद्धपोत, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर और कम से कम एक हमलावर पनडुब्बी शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इस ग्रुप को वहां पहुंचने में लगभग एक हफ्ता लगेगा।
वर्तमान में मध्य पूर्व में कोई अमेरिकी विमानवाहक पोत तैनात नहीं है, और यह कदम अमेरिकी सैन्य शक्ति को बढ़ाने का संकेत है। दक्षिण चीन सागर में नियमित ऑपरेशन के दौरान, यह ग्रुप F-35C फाइटर जेट्स के साथ लाइव फायर ड्रिल कर रहा था।
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन
ईरान में विरोध प्रदर्शन और हिंसा जारी
ईरान में दिसंबर के अंत से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुके हैं। महंगाई, आर्थिक संकट और मुद्रा के गिरने के कारण शुरू हुए ये प्रदर्शन अब सरकार विरोधी आंदोलन में बदल गए हैं। सभी 31 प्रांतों में लाखों लोग सड़कों पर उतर आए हैं।
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों को गिरफ्तार किया गया है। इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे जानकारी प्राप्त करना कठिन हो गया है। ईरान ने हवाई क्षेत्र भी बंद कर दिया है, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
ट्रंप प्रशासन की प्रतिक्रिया
ट्रंप प्रशासन की चेतावनी
ट्रंप प्रशासन ईरान के प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई की निंदा कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि प्रदर्शनकारियों को सहायता मिलेगी। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर दमन जारी रहा, तो मजबूत कार्रवाई की जाएगी। पेंटागन ने ट्रंप को ईरान के खिलाफ सैन्य, साइबर और अन्य विकल्पों की जानकारी दी है, लेकिन कोई तत्काल हमले की पुष्टि नहीं हुई है।
कर्मचारियों की निकासी
अमेरिकी बेसों से कर्मचारियों की निकासी
तनाव के कारण अमेरिका ने मध्य पूर्व के अपने सबसे बड़े बेस अल उदैद (कतर) से कुछ कर्मचारियों को निकालने का आदेश दिया है। यह एक एहतियाती कदम है, ताकि किसी हमले की स्थिति में नुकसान कम हो सके। सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास ने भी कर्मचारियों को सावधानी बरतने और गैर-जरूरी यात्रा रोकने की सलाह दी है।
