अमेरिका का ईरान पर बड़ा सैन्य हमला: होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा
अमेरिका की नई सैन्य कार्रवाई
नई दिल्ली: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिका ने एक महत्वपूर्ण सैन्य कदम उठाया है। डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में, अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट ईरानी मिसाइल ठिकानों पर बड़े पैमाने पर बमबारी की है, जिससे वैश्विक स्तर पर हलचल मच गई है।
व्यापार पर असर
यह कार्रवाई उस समय की गई है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री आवाजाही बाधित हो गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। अमेरिका का कहना है कि इस हमले का उद्देश्य इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से सुरक्षित करना है।
5000 पाउंड के बमों का इस्तेमाल
अमेरिकी सेना ने 5000 पाउंड (लगभग 23 क्विंटल) वजनी बंकर-बस्टर बमों का उपयोग करते हुए ईरान के मिसाइल भंडार और लॉन्च साइटों को निशाना बनाया। ये हमले समुद्र तट के निकट स्थित मजबूत सैन्य ठिकानों पर किए गए।
यूएस सेंट्रल कमांड की जानकारी
अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार, "कुछ घंटे पहले, अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के समुद्र तट पर स्थित मिसाइल साइटों पर 5000 पाउंड के कई 'डीप पेनिट्रेटर' बमों का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया। इन साइटों पर मौजूद ईरान की जहाज-रोधी क्रूज मिसाइलों ने इस जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय जहाज़ों की आवाजाही को खतरे में डाल दिया था।"
होरमुज़ जलडमरूमध्य का महत्व
होरमुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। इसके बाधित होने से पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट उत्पन्न हो सकता है।
ईरान का मार्ग अवरुद्ध करना
हालिया संघर्ष के दौरान, ईरान ने इस मार्ग को आंशिक रूप से बंद कर दिया था और जहाजों को निशाना बनाने के लिए मिसाइल, ड्रोन और माइन्स का उपयोग किया, जिससे तेल टैंकरों की आवाजाही रुक गई।
अमेरिका की अकेली कार्रवाई
डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो और अन्य सहयोगियों से मदद मांगी थी, लेकिन कई देशों ने सैन्य सहयोग से इनकार कर दिया। इसके बाद अमेरिका ने अकेले ही कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
खार्ग द्वीप पर पहले का हमला
इससे पहले, अमेरिका ने ईरान के खार्ग द्वीप पर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था, हालांकि इस हमले में तेल सुविधाओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था।
क्या बदल सकता है खेल?
होर्मुज के पास ईरानी मिसाइल भंडार को निशाना बनाकर अमेरिका ने इस क्षेत्र में ईरान की समुद्री ताकत को कमजोर करने का प्रयास किया है। इससे इस महत्वपूर्ण मार्ग के फिर से खुलने की संभावना बढ़ सकती है।
बंकर-बस्टर बमों की क्षमता
इस हमले में उपयोग किए गए बंकर-बस्टर बम जमीन के अंदर घुसकर मजबूत संरचनाओं को नष्ट करने में सक्षम होते हैं, जिससे छिपे हुए सैन्य ठिकानों को भी तबाह किया जा सकता है।
दुनिया की नजरें होर्मुज पर
यदि यह मार्ग फिर से खुलता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति सामान्य हो सकती है और कीमतों में गिरावट आ सकती है। हालांकि, ईरान की ओर से इस हमले पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
