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अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला: चीन की प्रतिक्रिया और वैश्विक प्रभाव

नए साल की शुरुआत में अमेरिका ने वेनेजुएला पर आक्रमण किया, जिससे वैश्विक राजनीति में हलचल मच गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अमेरिका के शासन का दावा किया। इस बीच, चीन ने संयम बनाए रखने की अपील की है और वेनेजुएला को समर्थन देने का वादा किया था। यह हमला उस समय हुआ जब चीन के दूत वेनेजुएला में थे, जिससे यह सवाल उठता है कि अमेरिका का यह कदम चीन को क्या संदेश दे रहा है। क्या चीन अमेरिका के खिलाफ मैदान में उतरेगा? जानें इस लेख में।
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अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला: चीन की प्रतिक्रिया और वैश्विक प्रभाव

नए साल की शुरुआत में अमेरिका का आक्रमण

नए साल की शुरुआत के महज दो दिन बाद, अमेरिका ने वेनेजुएला पर आक्रमण कर दिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मादुरो की गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद उनकी एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह हथकड़ी और आंखों पर पट्टी बंधे हुए थे, ग्रे नाइकी टेक ट्रैकसूट पहने हुए।


इस बीच, ट्रम्प ने यह भी कहा कि जब तक वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन नहीं होता, अमेरिका ही वहां शासन करेगा। हालांकि, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया कि अमेरिका वेनेजुएला के शासन में प्रतिदिन हस्तक्षेप नहीं करेगा, सिवाय तेल प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के।


मादुरो की अनुपस्थिति में, वेनेजुएला के सर्वोच्च न्यायालय ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ को कार्यवाहक राष्ट्रपति का पदभार संभालने का आदेश दिया है। यह हमला उस समय हुआ जब चीन के विशेष दूत वेनेजुएला की राजधानी में थे। हमले से पहले, मादुरो ने तीन घंटे तक चीन के दूतों के साथ बातचीत की। इस संदर्भ में, यह माना जा रहा है कि अमेरिका चीन को एक संदेश भेज रहा है।


वेनेजुएला से सबसे अधिक ईंधन की सप्लाई चीन को होती है। सभी की नजर इस बात पर होगी कि ट्रम्प वेनेजुएला पर नियंत्रण के बाद चीन को होने वाली सप्लाई को लेकर क्या निर्णय लेते हैं और चीन इस पर क्या प्रतिक्रिया करता है।


चीन की प्रतिक्रिया और अमेरिका की चुनौती

अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला चीन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। चीन ने संयम बनाए रखने की अपील की है। हमले से पहले, चीन ने वेनेजुएला को समर्थन देने का वादा किया था। लेकिन मादुरो को कैद करके अमेरिका ले जाने के बाद, चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह अपने देश के राष्ट्रपति को ले जाना गलत है।


चीन ने यह भी कहा कि इस मुद्दे का समाधान बातचीत के माध्यम से होना चाहिए। इससे पहले भी, चीन ने अमेरिका की कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। अब, यह देखना होगा कि क्या चीन वेनेजुएला की मदद के लिए अमेरिका के खिलाफ मैदान में उतरेगा या फिर चुपचाप बयान देकर किनारे हो जाएगा।


चीन पर हमले का प्रभाव

चीन वेनेजुएला से तेल खरीदने में सबसे आगे है। फरवरी 2025 में, चीन ने वेनेजुएला से लगभग 5,03,000 बैरल प्रति दिन तेल खरीदा, जो वेनेजुएला के कुल निर्यात का 55% है। अमेरिका के हमले से वेनेजुएला का तेल सप्लाई प्रभावित होगा, जिसका असर खरीदार देशों पर पड़ेगा।


इससे महंगाई का दबाव बढ़ सकता है और परिवहन तथा मैन्युफैक्चरिंग की लागत में वृद्धि हो सकती है। राजनीतिक तनाव के कारण तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है। यदि इस हमले से सप्लाई चेन टूटता है, तो इसका सबसे अधिक असर चीन पर देखने को मिलेगा।