अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला: मादुरो दंपती की गिरफ्तारी और गोपनीय ड्रोन का रहस्य
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता तनाव
नई दिल्ली: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच का तनाव एक बार फिर से चर्चा का विषय बन गया है। 3 जनवरी को अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर एक सैन्य कार्रवाई की, जिसे ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व नाम दिया गया। इस ऑपरेशन के तहत अमेरिका ने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार किया।
मादुरो दंपती की गिरफ्तारी
गिरफ्तार किए गए मादुरो दंपती को न्यूयॉर्क लाया गया है, जहां वे अब न्यायालय में पेश होंगे। इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में अमेरिका ने एक अत्याधुनिक और गोपनीय स्टेल्थ ड्रोन का उपयोग किया, जिसके बारे में रिपोर्ट्स में जानकारी दी गई है।
ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व का विवरण
रिपोर्टों के अनुसार, इस अभियान के दौरान कैरेबियन क्षेत्र के एयरबेस से कई अत्याधुनिक सैन्य विमानों को तैनात किया गया। यह भी माना जा रहा है कि अमेरिकी वायुसेना ने अपने गोपनीय बिना पायलट वाले जासूसी ड्रोन RQ-170 का भी इस्तेमाल किया। हालांकि, इस बात की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
RQ-170 सेंटिनल ड्रोन की विशेषताएँ
विश्लेषकों का मानना है कि यदि वेनेजुएला ऑपरेशन में RQ-170 के उपयोग की पुष्टि होती है, तो यह ड्रोन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना होगी। यह ड्रोन बहुत कम बार सार्वजनिक रूप से देखा गया है और इससे जुड़े मिशन अक्सर गोपनीय रहते हैं।
पिछले उपयोग के उदाहरण
अमेरिका ने पहले अफगानिस्तान में इस ड्रोन का उपयोग खुफिया जानकारी इकट्ठा करने के लिए किया था। 2011 में ईरान ने दावा किया था कि उसने एक RQ-170 ड्रोन को अपने हवाई क्षेत्र में घुसने के बाद पकड़ लिया था।
खुफिया निगरानी में दक्षता
यह स्टेल्थ ड्रोन अमेरिकी वायुसेना के लिए विवादास्पद क्षेत्रों में खुफिया जानकारी इकट्ठा करने और निगरानी के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका अनोखा डिजाइन इसे रडार पर पहचानने में कठिन बनाता है। इसे नेवादा के क्रीच एयर फोर्स बेस की 432वीं विंग द्वारा संचालित किया जाता है।
ऑपरेशन के बाद ड्रोन की गतिविधियाँ
खबरों के अनुसार, ऑपरेशन के बाद RQ-170 सेंटिनल ड्रोन को प्यूर्टो रिको स्थित अमेरिकी बेस की ओर लौटते हुए देखा गया।
लैटिन अमेरिका में ड्रोन की उपस्थिति
रिपोर्ट में कहा गया है कि एयर फोर्सेज सदर्न द्वारा साझा की गई तस्वीरों में सैन्य कर्मियों के पैच दिखाई दिए, जिससे संकेत मिलता है कि RQ-170 सेंटिनल दिसंबर से ही लैटिन अमेरिका में मौजूद था।
मादुरो के आवास पर निगरानी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मिशन में RQ-170 का उपयोग मादुरो के आवास पर निगरानी रखने के लिए किया गया होगा, जो कि 2011 में ओसामा बिन लादेन के खिलाफ किए गए अभियान से मिलती-जुलती है।
RQ-170 सेंटिनल की तकनीकी विशेषताएँ
आर्मी रिकग्निशन ग्रुप के अनुसार, RQ-170 सेंटिनल एक सबसोनिक, जेट-इंजन से चलने वाला स्टेल्थ विमान है। यह पूरी तरह नियंत्रित सिग्नल मोड में काम करता है, जिससे यह रडार और इंफ्रारेड पहचान से बचते हुए सिग्नल और इलेक्ट्रॉनिक खुफिया जानकारी इकट्ठा कर सकता है।
इस ड्रोन की भूमिका मिसाइल हमलों और विशेष सैन्य अभियानों में महत्वपूर्ण हो सकती है। यह ऊँचाई पर उड़कर हवाई सुरक्षा प्रणालियों और इलेक्ट्रॉनिक गतिविधियों पर नजर रखता है, ताकि मिशन को बिना पकड़े अंजाम दिया जा सके।
