अमेरिका में F-35 लड़ाकू विमान की दुर्घटना: पायलट सुरक्षित, जांच जारी
नेवादा में हुआ गंभीर विमान हादसा
नई दिल्ली: अमेरिका के नेवादा में एक गंभीर सैन्य दुर्घटना हुई है, जिसमें नेलिस एयर फोर्स बेस के निकट एक अत्याधुनिक F-35 लड़ाकू विमान क्रैश हो गया। इस घटना ने क्षेत्र में थोड़ी देर के लिए हड़कंप मचा दिया, लेकिन राहत की बात यह है कि पायलट सुरक्षित बच गया।
दुर्घटना का विवरण
शुरुआती रिपोर्टों में इस घटना को F-15 फाइटर जेट से जोड़ा गया था, लेकिन बाद में पुष्टि हुई कि यह F-35 विमान था। यह हादसा लास वेगास के पास क्लार्क काउंटी में हुआ, जहां आपातकालीन स्थिति घोषित की गई थी।
नेलिस एयर फोर्स बेस के निकट दुर्घटना
यह घटना नेवादा के क्लार्क काउंटी में लास वेगास के करीब हुई। एयर फोर्स के अनुसार, यह घटना अमेरिकी समयानुसार शाम लगभग 5 बजे और भारतीय समयानुसार रात के समय हुई।
जैसे ही संभावित क्रैश की सूचना मिली, बेस पर तुरंत इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया और सुरक्षाबलों को सक्रिय किया गया।
दुर्घटना की प्रक्रिया
कैसे हुआ हादसा?
शुरुआत में इस हादसे के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं थी, लेकिन बाद में सोशल मीडिया पर अपडेट्स के जरिए पुष्टि हुई कि एक फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हुआ है।
करीब 5:42 बजे यह जानकारी मिली कि पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया है। उसे मामूली चोटें आई हैं और उसे चिकित्सा सहायता के लिए भेजा गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, विमान लास वेगास से लगभग 25 मील उत्तर-पूर्व में इंडियन स्प्रिंग्स क्षेत्र में क्रैश हुआ। पहले विमान के लापता होने की सूचना मिली थी, लेकिन बाद में उसी क्षेत्र में उसका मलबा बरामद किया गया।
पायलट की सुरक्षित निकासी
पायलट ने समय पर इजेक्ट किया
एयर फोर्स के अनुसार, विमान के क्रैश होने से पहले पायलट ने सुरक्षित तरीके से इजेक्ट कर लिया था। हालांकि, प्रारंभिक समय में पायलट का कोई पता नहीं चल पाया, जिसके बाद तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
घटनास्थल पर इमरजेंसी टीमें और सुरक्षाकर्मी पहुंच गए और पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया।
जांच का कार्य जारी
हादसे की वजह की जांच
कुछ प्रारंभिक रिपोर्टों में यह बताया गया था कि विमान में तकनीकी खराबी या उड़ान के दौरान संतुलन बिगड़ने जैसी समस्याएं आई थीं। हालांकि, अभी तक दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं हो पाई है।
अमेरिकी वायुसेना ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि हादसे के असली कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
