अमेरिकी सेना का बड़ा ऑपरेशन: क्या निकोलस मादुरो का परिवार अब सुरक्षित है?
अमेरिका का सैन्य अभियान
नई दिल्ली: अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सैन्य कार्रवाई की है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक विवादास्पद बयान दिया है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनके परिवार को पकड़ लिया है और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया है। इस घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और अनिश्चितता को बढ़ा दिया है।
मादुरो परिवार की स्थिति
ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी सैनिकों ने एक विशेष ऑपरेशन के तहत मादुरो के परिवार को सुरक्षित तरीके से वेनेजुएला से बाहर निकाला है। उन्होंने इस मिशन को अमेरिकी सेना की विशेष इकाई 'डेल्टा फोर्स' द्वारा अंजाम दिया गया बताया और इसे साहसिक तथा सटीक करार दिया।
वेनेजुएला सरकार की प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम के बाद, वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि सरकार को मादुरो और उनकी पत्नी की स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पुष्टि की मांग की है कि क्या वे दोनों सुरक्षित और जीवित हैं, जिससे देश में राजनीतिक अनिश्चितता और बढ़ गई है।
डेल्टा फोर्स का मिशन
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मादुरो को पकड़ने का ऑपरेशन डेल्टा फोर्स ने किया। यह यूनिट पहले भी कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय अभियानों में सफल रही है। ट्रंप ने इसे रणनीति, साहस और समन्वय का बेहतरीन उदाहरण बताया।
डेल्टा फोर्स की विशेषताएँ
डेल्टा फोर्स को दुनिया की सबसे खतरनाक और गोपनीय सैन्य इकाइयों में से एक माना जाता है। इसका आधिकारिक नाम फर्स्ट स्पेशल फोर्सेज ऑपरेशनल डिटैचमेंट-डेल्टा (1st SFOD-D) है। यह अमेरिकी सेना के जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (JSOC) के अंतर्गत कार्य करती है।
गुप्त मिशनों का संचालन
डेल्टा फोर्स का मुख्य कार्य ऐसे मिशनों को अंजाम देना है जो आमतौर पर सार्वजनिक नहीं होते। इनमें बंधकों को छुड़ाना, आतंकियों को पकड़ना या मारना और गुप्त ऑपरेशन शामिल हैं। कई बार इन अभियानों की जानकारी अमेरिकी सांसदों तक को नहीं होती।
इतिहास और भूमिका
डेल्टा फोर्स की स्थापना 1970 के दशक के अंत में ब्रिटेन की स्पेशल एयर सर्विस (SAS) से प्रेरित होकर की गई थी। इसका उद्देश्य अमेरिकी सेना को एक समर्पित आतंकवाद-रोधी बल प्रदान करना था। इस यूनिट ने पहले भी कई महत्वपूर्ण अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जैसे कि 2019 में आईएसआईएस नेता अबू बक्र अल-बगदादी को मार गिराने का ऑपरेशन।
