अमेरिकी सेना ने कैरिबियन में Olina टैंकर को जब्त किया, क्या है इसके पीछे की रणनीति?
अमेरिकी सेना की कार्रवाई
नई दिल्ली : अमेरिकी सेना ने कैरिबियन सागर में Olina नामक एक तेल टैंकर को जब्त किया है। यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन के उस अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य वेनेजुएला से प्रतिबंधित तेल की ढुलाई करने वाले जहाजों को रोकना है। अमेरिकी दक्षिणी कमान के अनुसार, यह ऑपरेशन सुबह के समय अमेरिकी मरीन और नौसेना के कर्मियों द्वारा किया गया। कमान ने इस अवसर पर कहा कि अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं है। Olina टैंकर अमेरिकी बलों द्वारा जब्त किया गया पांचवां जहाज है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य वेनेजुएला से तेल के वैश्विक वितरण को नियंत्रित करना और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को प्रभावी बनाना है।
कोस्ट गार्ड की भूमिका पर सवाल
कोस्ट गार्ड की भूमिका पर सवाल
हालांकि, नौसेना अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस बार अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने जहाज जब्त करने में भाग लिया या नहीं, जबकि पिछले मामलों में कोस्ट गार्ड शामिल रही है। इस पर अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। इससे यह सवाल उठता है कि ऑपरेशन के दौरान कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल थीं और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन कैसे हुआ।
रूसी जहाज Marinera की जब्ती
रूसी जहाज Marinera की जब्ती
Olina टैंकर की जब्ती से दो दिन पहले, अमेरिकी बलों ने उत्तरी अटलांटिक में रूसी-फ्लैग वाले तेल टैंकर Marinera को भी जब्त किया था। इस जहाज पर 28 सदस्यीय दल था, जिसमें तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे। इस कार्रवाई के दौरान रूस ने अमेरिका की कड़ी आलोचना की और कहा कि किसी भी राज्य को अन्य देशों के जहाजों पर बल प्रयोग करने का अधिकार नहीं है। रूस ने सभी विदेशी नागरिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से रिहा करने की मांग की। इस घटना ने अमेरिका और रूस के बीच कूटनीतिक तनाव को बढ़ा दिया।
वैश्विक तेल व्यापार और अमेरिका की रणनीति
वैश्विक तेल व्यापार और अमेरिका की रणनीति
इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला से तेल के अवैध परिवहन को रोकने और वैश्विक तेल वितरण पर नियंत्रण बनाने के लिए पूरी तरह सजग है। अमेरिकी कार्रवाई का उद्देश्य न केवल प्रतिबंधित तेल की आवाजाही को रोकना है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति, समुद्री कानून और ऊर्जा सुरक्षा पर भी प्रभाव डालती है। इसके चलते वैश्विक तेल बाजार और देशों के बीच राजनीतिक संतुलन प्रभावित हो रहा है।
