Newzfatafatlogo

इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम की घोषणा

इजरायल और लेबनान के बीच हाल ही में 10 दिन के युद्धविराम की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे शांति प्रयासों के तहत उठाया कदम बताया है। हालांकि, हिजबुल्ला ने इस वार्ता का विरोध किया है। जानें नेतन्याहू और हिजबुल्ला के बयानों के बारे में और इस स्थिति का आगे क्या होगा।
 | 
इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम की घोषणा

युद्धविराम की घोषणा

हाल ही में अमेरिका और ईरान के बाद, इजरायल और लेबनान के बीच भी युद्धविराम की घोषणा की गई है। यह घोषणा गुरुवार को की गई। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि उन्होंने लेबनान में 10 दिन के युद्धविराम पर सहमति दी है।


शांति प्रयासों की दिशा में कदम

नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश में कहा कि यह निर्णय लेबनान के साथ शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। इस सप्ताह, इजरायल और लेबनान ने अमेरिका के वाशिंगटन में शांति समझौते की दिशा में बातचीत शुरू की है।


हिजबुल्ला का विरोध

हालांकि, पिछले छह हफ्तों से इजरायल के साथ संघर्षरत चरमपंथी समूह हिजबुल्ला इस वार्ता का विरोध कर रहा है। दूसरी ओर, ईरान लेबनान में पूर्ण युद्धविराम के पक्ष में है। अमेरिका के साथ चल रहे समझौते में ईरान ने लेबनान के मुद्दे को भी शामिल किया है।


नेतन्याहू का बयान

बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, 'हमारे पास लेबनान के साथ एक ऐतिहासिक शांति समझौता करने का अवसर है।' हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायली सैनिक दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा क्षेत्र में तैनात रहेंगे, जो पहले से कहीं अधिक मजबूत और व्यापक होगा।


उन्होंने कहा, 'हम यहीं पर हैं, और हम यहां से नहीं जा रहे हैं।' इजरायल सीधे तौर पर लेबनान के खिलाफ नहीं लड़ रहा है, बल्कि ईरान समर्थित हिजबुल्ला समूह के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।


हिजबुल्ला का बयान

इस बीच, हिजबुल्ला ने एक बयान जारी करते हुए कहा, 'कोई भी युद्धविराम पूरे लेबनानी क्षेत्र में लागू होना चाहिए और इसमें इजरायल को किसी भी प्रकार की आवाजाही की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। हमारी भूमि पर इजरायली कब्जा लेबनान और उसके लोगों को प्रतिरोध का अधिकार देता है और आगे की स्थिति घटनाक्रम के अनुसार तय होगी।'