इजरायल का गुप्त सैन्य ठिकाना: ईरान के खिलाफ छिपे ऑपरेशनों का खुलासा
इजरायल का गुप्त सैन्य ठिकाना
ईरान के खिलाफ चल रहे संघर्ष के दौरान, इजरायल ने पश्चिमी इराक के एक सुनसान रेगिस्तानी क्षेत्र को अपने गुप्त सैन्य ठिकाने में तब्दील कर दिया। इस दूरदराज के स्थान पर स्थापित किया गया सीक्रेट बेस इजरायली विशेष बलों, रेस्क्यू टीमों और लॉजिस्टिक ऑपरेशनों का केंद्र बन गया, जहां से ईरान के अंदर चलाए जा रहे सैन्य अभियानों को समर्थन दिया जा रहा था।
गुप्त ऑपरेशन का खुलासा
हालांकि, यह गुप्त ऑपरेशन जल्द ही उजागर होने के कगार पर पहुंच गया। एक रिपोर्ट के अनुसार, एक स्थानीय चरवाहे ने इलाके में संदिग्ध हेलीकॉप्टर गतिविधियों की सूचना दी, जिसके बाद इराकी सैनिक जांच के लिए वहां पहुंचे। इसी दौरान, इजरायल ने इराकी सैनिकों को रोकने के लिए हवाई हमला किया।
स्पेशल फोर्स और रेस्क्यू टीमों की तैनाती
रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों और ऑपरेशन से जुड़े लोगों के हवाले से कहा गया कि इस गुप्त ठिकाने पर इजरायल की स्पेशल फोर्स और रेस्क्यू टीमें तैनात थीं। इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ईरान के भीतर मिशन के दौरान इजरायली पायलटों के विमान गिराए न जाएं।
चरवाहे की सूचना से खुला राज
गुप्त अड्डे का खुलासा तब हुआ जब एक स्थानीय चरवाहे ने रेगिस्तान में असामान्य सैन्य गतिविधियां देखीं। इराकी सरकारी मीडिया के अनुसार, हेलीकॉप्टर बेहद नीची उड़ान भर रहे थे और बार-बार उसी क्षेत्र के ऊपर मंडरा रहे थे।
इराक ने अमेरिका पर लगाया आरोप
इस घटना के बाद बगदाद में भारी नाराजगी देखने को मिली। इराक ने संयुक्त राष्ट्र में शिकायत दर्ज कराते हुए विदेशी बलों को जिम्मेदार ठहराया और अमेरिका पर शक जताया। हालांकि, बाद में यह स्पष्ट हुआ कि इराकी सैनिकों पर हुए हमले में अमेरिकी सेना शामिल नहीं थी, बल्कि यह कार्रवाई इजरायल ने की थी।
इजरायली वायुसेना प्रमुख के संकेत
संघर्ष के दौरान इजरायली अधिकारियों ने इन गुप्त मिशनों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी। मार्च की शुरुआत में, इजरायली वायुसेना के तत्कालीन प्रमुख टोमर बार ने विशेष यूनिट्स की भूमिका की सराहना की थी।
रेगिस्तान में बढ़ी तलाशी और जांच
इस घटना के बाद इराकी और अरब मीडिया में कई तरह की अटकलें तेज हो गईं। इराकी प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त काउंटर टेररिज्म सर्विस यूनिट्स तैनात कीं। जांच के दौरान संकेत मिले कि हाल ही में वहां बेहद प्रशिक्षित सैन्य बल सक्रिय थे।
सैन्य अभियानों का ऐतिहासिक केंद्र
पश्चिमी इराक का यह विशाल रेगिस्तानी क्षेत्र लंबे समय से सैन्य अभियानों के लिए इस्तेमाल होता रहा है। 1991 में सद्दाम हुसैन के खिलाफ अभियान के दौरान और फिर 2003 में अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने इसी क्षेत्र का उपयोग किया था।
