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इजरायल ने ईरानी नेताओं को हिट लिस्ट से हटाया, ट्रंप ने शांति वार्ता पर दी प्रतिक्रिया

इजरायल ने ईरान के विदेश मंत्री और संसद के स्पीकर को अपनी हिट लिस्ट से हटा दिया है, जो पाकिस्तान की गुजारिश पर किया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की शांति की इच्छा पर टिप्पणी की है, जबकि ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
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इजरायल ने ईरानी नेताओं को हिट लिस्ट से हटाया, ट्रंप ने शांति वार्ता पर दी प्रतिक्रिया

इजरायल की हिट लिस्ट से हटाए गए ईरानी नेता

हालिया रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबफ को अपनी हिट लिस्ट से हटा दिया है। यह कदम पाकिस्तान की मांग पर उठाया गया है, जिसने अमेरिका के माध्यम से इजरायल से अनुरोध किया था कि इन नेताओं को निशाना न बनाया जाए। हालांकि, इस मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


पाकिस्तान का अमेरिका के माध्यम से समझाना

रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल के पास इन नेताओं की सटीक लोकेशन थी, लेकिन पाकिस्तान ने अमेरिका को समझाया कि यदि ये नेता मारे गए, तो भविष्य में शांति वार्ता के लिए कोई नहीं बचेगा। इसके बाद अमेरिका के कहने पर इजरायल ने अपने कदम पीछे खींच लिए।


डोनाल्ड ट्रंप का शांति वार्ता पर बड़ा बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान भले ही सार्वजनिक रूप से इनकार करे, लेकिन वह शांति चाहता है। ट्रंप के अनुसार, ईरान समझौता करने के लिए बेताब है, लेकिन वह इसे दुनिया के सामने स्वीकार करने से डरता है।


उन्होंने कहा, 'ईरानी नेताओं को लगता है कि अगर उन्होंने समझौते की बात मानी, तो उनके अपने लोग या अमेरिका उन्हें मार डालेंगे।' व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान मौजूदा स्थिति को नहीं समझता, तो ट्रंप प्रशासन उन पर सबसे बड़ा हमला करने से पीछे नहीं हटेगा।


पाकिस्तान के माध्यम से भेजा गया शांति प्रस्ताव

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि उन्हें पाकिस्तान के जरिए अमेरिका का एक प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जिसका उद्देश्य मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध को समाप्त करना है। इस प्रस्ताव में ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर कई शर्तें रखी गई हैं।


हालांकि, अराघची ने यह भी कहा कि ईरान का युद्ध समाप्त करने के लिए सीधे बातचीत करने का कोई इरादा नहीं है। उनका मानना है कि बिचौलियों के माध्यम से संदेश भेजना अमेरिका से बातचीत नहीं कहलाता।


ईरान की अपनी शर्तें

ईरान ने सरकारी टीवी पर स्पष्ट किया है कि वह अपनी सुरक्षा और शर्तों पर कोई समझौता नहीं करेगा। तेहरान ने संकेत दिया है कि वह इस अमेरिकी प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, लेकिन उसे यह शर्तें बहुत कड़ी लग रही हैं। ईरान का कहना है कि वे अपने शीर्ष अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद जल्द ही अपना रुख स्पष्ट करेंगे। फिलहाल, ईरान 'प्रतिरोध की नीति' को आगे बढ़ाने की बात कर रहा है।