इजरायल ने जारी किया लेबनान का नियंत्रण नक्शा: जानिए क्या है स्थिति
सीजफायर के बाद इजरायल और लेबनान की स्थिति
इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम पर सहमति बनने के बाद फिलहाल संघर्ष थम गया है। इस बीच, इजरायली सेना ने पहली बार एक नक्शा जारी किया है, जिसमें दर्शाया गया है कि लेबनान के कौन से क्षेत्र उसके नियंत्रण में हैं। इस नक्शे में बॉर्डर के निकट स्थित कई खाली गांव इजरायल के अधीन आ चुके हैं। नक्शे में दिखाए गए डिप्लॉयमेंट लाइन पूर्व से पश्चिम तक फैली हुई है और यह सीमा से 5-10 किलोमीटर अंदर तक जाती है। इजरायल इस क्षेत्र में एक बफर जोन बनाने की योजना बना रहा है।
इजरायली सेना का नियंत्रण नक्शा
इजरायली सेना ने एक विस्तृत नक्शा जारी किया है, जिसमें स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है कि लेबनान के सीमा क्षेत्र में कौन से इलाके वर्तमान में उसके कब्जे में हैं। इस नक्शे के अनुसार, बॉर्डर के निकट स्थित कई गांव, जो ज्यादातर खाली हैं, इजरायली नियंत्रण में आ चुके हैं।
नक्शे में दिखाए गए डिप्लॉयमेंट लाइन पूर्व से पश्चिम दिशा में फैली हुई है और यह लेबनानी क्षेत्र के अंदर सीमा से 5-10 किलोमीटर तक घुस गई है। इजरायल इस क्षेत्र में एक बफर जोन बनाने की योजना बना रहा है। इजरायली सेना ने इस क्षेत्र के लेबनानी गांवों को नष्ट कर दिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तरी इजरायल के शहरों को हिज्बुल्लाह के हमलों से सुरक्षित रखना है। इजरायल ने पहले भी सीरिया और गाजा में इसी तरह के बफर जोन स्थापित किए हैं।
इजरायली सेना का आधिकारिक बयान
इजरायली सेना ने एक बयान में कहा है कि पांच डिवीजन इजरायली नौसेना बलों के साथ मिलकर दक्षिणी लेबनान में एक साथ काम कर रहे हैं। इसका उद्देश्य हिज्बुल्लाह के आतंकी ढांचे को नष्ट करना और उत्तरी इजरायल के लोगों पर सीधे खतरे को रोकना है।
घर छोड़कर भागे लोगों की स्थिति
जब इजरायली सेना से पूछा गया कि इजरायली हमलों के कारण जो लोग अपने घरों से भाग गए हैं, क्या उन्हें वापस लौटने की अनुमति दी जाएगी, तो आईडीएफ ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
रक्षा मंत्री का सख्त बयान
इजरायली रक्षा मंत्री काट्ज ने कहा कि बॉर्डर पर हिज्बुल्लाह द्वारा इस्तेमाल किए गए घरों को ध्वस्त किया जाएगा। हमारे सैनिकों के लिए खतरा पैदा करने वाली किसी भी संरचना और विस्फोटक को तुरंत नष्ट किया जाएगा।
लेबनान और हिज्बुल्लाह की चुप्पी
इजरायल के इस निर्णय पर लेबनान के सरकारी अधिकारियों या ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि इजरायल और लेबनान ने अमेरिका के कहने पर युद्धविराम पर सहमति जताई थी, जिसके बाद अमेरिका में दोनों देशों के प्रतिनिधियों की मुलाकात हुई थी।
