इजरायली प्रधानमंत्री Netanyahu का लेबनान दौरा: सुरक्षा स्थिति पर चर्चा
नेतन्याहू का लेबनान दौरा
नई दिल्ली: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को दक्षिणी लेबनान का दौरा किया, जहां उन्होंने तैनात इजरायली सैनिकों से मुलाकात की। इस दौरान वे बुलेटप्रूफ जैकेट पहने हुए थे, जो क्षेत्र की गंभीर सुरक्षा स्थिति को दर्शाता है। उनके दौरे का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वे सैनिकों के बीच खड़े होकर स्थिति का आकलन करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
संघर्ष जारी रहने की पुष्टि
नेतन्याहू ने इस दौरे के दौरान स्पष्ट किया कि लेबनान में संघर्ष समाप्त नहीं हुआ है और इजरायली सेना पूरी ताकत से अपने अभियान को जारी रखे हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि सेना ने हिज़्बुल्लाह आतंकियों के हमलों के खतरे को काफी हद तक कम कर दिया है।
सुरक्षा घेरे में सैनिकों से मुलाकात
दक्षिणी लेबनान में अपने दौरे के दौरान नेतन्याहू ने फ्लैक वेस्ट पहना हुआ था, जो एक प्रकार का बॉडी आर्मर है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में वे नकाबपोश सैनिकों के बीच दिखाई दिए। उनके साथ इजरायल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ भी मौजूद थे।
उन्होंने कहा, "हमने इस सुरक्षा क्षेत्र के माध्यम से लेबनान से होने वाले आक्रमण के खतरे को नाकाम कर दिया है।"
सीजफायर की स्थिति
नेतन्याहू ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल लेबनान के साथ कोई युद्धविराम नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक उत्तरी इजरायल में सुरक्षा पूरी तरह से बहाल नहीं हो जाती, तब तक हिज़्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा, "मैं आपको बताना चाहता हूं, लेबनान में कोई युद्धविराम नहीं है। हम पूरी ताकत से हिज़्बुल्लाह पर हमले जारी रखे हुए हैं और जब तक हम आपकी सुरक्षा बहाल नहीं कर लेते, तब तक हम नहीं रुकेंगे।"
बातचीत की संभावनाएं
इससे पहले नेतन्याहू ने संकेत दिए थे कि लेबनान के साथ जल्द ही सीधी बातचीत शुरू की जा सकती है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट को इस दिशा में कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दीर्घकालिक समाधान निकाला जा सके।
उन्होंने कहा, "बातचीत का उद्देश्य हिज़्बुल्लाह को निहत्था करना और इजरायल और लेबनान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौता हासिल करना है।"
हमलों का नया दौर
इन बयानों के बाद इजरायल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज ने हिज़्बुल्लाह के ठिकानों और लॉन्च साइट्स पर हमलों की एक नई लहर शुरू कर दी है। यह कार्रवाई क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है।
