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इमरान खान ने जेल में अत्याचारों पर जताई चिंता, जान का खतरा बताया

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने जेल में अपने खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें जान का खतरा है और जेल की स्थिति अमानवीय है। इमरान ने सैन्य प्रतिष्ठान पर गंभीर आरोप लगाए हैं और अपने परिवार के सदस्यों से मिलने के बाद अपनी मानसिक स्थिति को मजबूत बताया। जानें उनके हालात और पार्टी की प्रतिक्रिया।
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इमरान खान ने जेल में अत्याचारों पर जताई चिंता, जान का खतरा बताया

इमरान खान की चिंताएं


नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने हाल ही में अपने खिलाफ हो रहे कथित अत्याचारों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनकी बहन डॉ. उजमा खान से 20 मिनट की मुलाकात के बाद यह जानकारी सामने आई कि इमरान खुद को जान के खतरे में महसूस कर रहे हैं।


जेल की स्थिति पर इमरान का बयान

इमरान ने जेल में अपनी स्थिति को 'मौत की सजा पाए कैदी' के समान बताते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ा जा रहा है। उनकी पार्टी ने भी प्रशासन पर इसी तरह के गंभीर आरोप लगाए हैं।


एकांत कारावास की भयावहता

पीटीआई के अनुसार, इमरान खान को पूरी तरह से एकांत कारावास में रखा गया है। उनके सेल में न तो बिजली है और न ही कोई रोशनी। उन्हें साफ पानी और बेहतर भोजन नहीं मिल रहा है, और चिकित्सा सहायता भी बहुत कम है। इमरान ने कहा कि उनकी स्थिति एक ऐसे कैदी जैसी है, जिसे मृत्यु दंड दिया गया हो।


सैन्य प्रतिष्ठान पर गंभीर आरोप

मुलाकात के दौरान इमरान खान ने कहा कि यदि उन्हें कुछ हुआ, तो इसके लिए आर्मी चीफ और डीजी आईएसआई जिम्मेदार होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सैन्य प्रतिष्ठान ने उन्हें खत्म करने का इरादा बना लिया है। इमरान के अनुसार, 'अब उनके पास मेरी हत्या करवाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।' पार्टी ने इसे राज्य-प्रायोजित राजनीतिक उत्पीड़न करार दिया है।


अमानवीय व्यवहार का आरोप

इमरान ने जेल में मिलने वाली सुविधाओं को 'अमानवीय' बताते हुए कहा कि उन्हें पिंजरे में बंद कर प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पांच दिन तक सेल की बिजली बंद रही और उन्हें दस दिनों तक बाहर नहीं निकलने दिया गया। उनके अनुसार, उन्हें मानवीय गरिमा से परे रखा जा रहा है। पार्टी ने कहा कि यह बर्ताव अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के खिलाफ है।


आसिम मुनीर पर तीखा हमला

इमरान खान ने आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि वे 'मानसिक रूप से अस्थिर तानाशाह' बन चुके हैं। इमरान ने कहा कि मौजूदा सैन्य नेतृत्व राजनीतिक असहमति को कुचलने में लगा है और इसके लिए किसी भी सीमा को पार कर रहा है। उन्होंने वर्तमान व्यवस्था को 'अलोकतांत्रिक' और 'दमनकारी' बताया।


परिवार की चिंता और इमरान का हौसला

डॉ. उजमा खान को अपने भाई से मिलने की अनुमति मिली, हालांकि यह मुलाकात कड़े विरोध के बीच हुई। उन्होंने बताया कि इमरान मानसिक रूप से मजबूत दिखे और उनका हौसला पहले जैसा ही है। हालांकि, जेल प्रशासन के रवैये को लेकर वह बेहद नाराज थे। उजमा के अनुसार, पार्टी कार्यकर्ताओं को इमरान का संदेश है कि वे दबाव में आने के बजाय संघर्ष जारी रखें।