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इराक में बढ़ते तनाव: अमेरिकी ठिकानों पर हमले और ईरान समर्थित गुटों की गतिविधियाँ

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, इराक में ईरान समर्थित गुटों ने अमेरिकी राजनयिकों और सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। अमेरिका ने इन हमलों की निंदा की है और इराकी सरकार से कार्रवाई की मांग की है। इस्लामिक रेजिस्टेंस द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमले भी चिंता का विषय बने हुए हैं। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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इराक में युद्ध की आहट

मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच, इराक एक नया युद्धक्षेत्र बनता जा रहा है। हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों ने इराक में अमेरिकी राजनयिकों और सैन्य स्थलों पर रातभर हमले किए। वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव ने इन 'प्रॉक्सी वॉर' हमलों को और भड़काया है।


अमेरिकी विदेश विभाग की प्रतिक्रिया

विदेश विभाग ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है, इन्हें अमेरिकी राजनयिक मिशनों पर "घिनौने आतंकवादी हमले" करार दिया गया है। विभाग ने इराकी अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे आगे के हमलों को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाएं।


इराकी सरकार की जिम्मेदारी

एक प्रवक्ता ने कहा, "हमने इराकी सरकार से लगातार अनुरोध किया है कि वह अमेरिकी ठिकानों पर हमलों को रोकने के लिए अपनी जिम्मेदारी को तुरंत निभाए।" उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इराकी सरकार अपने दायित्वों को पूरा करने में असमर्थ रहती है, तो अमेरिका अपने कर्मियों और ठिकानों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने में संकोच नहीं करेगा।


हमलों का विवरण

हालांकि हाल के हमलों के विशिष्ट स्थानों का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन पूर्व की रिपोर्टों में बताया गया है कि बगदाद में अमेरिकी दूतावास और एरबिल में अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास को बार-बार निशाना बनाया गया है। पिछले सप्ताह, विदेश विभाग ने इराक में अपने राजनयिक परिसरों पर हुए हमलों से संबंधित जानकारी के लिए 3 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक के इनाम की घोषणा की थी।


इस्लामिक रेजिस्टेंस के हमले

अल जज़ीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, 'इस्लामिक रेजिस्टेंस' नामक गुट ने 3 अप्रैल को इराक और आसपास के क्षेत्रों में अमेरिकी ठिकानों पर 19 ड्रोन और मिसाइल हमले किए।


पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फोर्सेज पर हमले

एक इराकी पुलिस अधिकारी के अनुसार, पश्चिमी इराक के अल-क़ायम में ईरान समर्थित 'पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फोर्सेज' (PMF) के मुख्यालय पर भी हमला किया गया। इसके अलावा, मोसुल में PMF की 34वीं ब्रिगेड को भी एक हवाई हमले में निशाना बनाया गया।


क्षेत्र में प्रॉक्सी संघर्ष

इस्लामिक रेजिस्टेंस और PMF सहित शिया सशस्त्र समूहों ने क्षेत्र में कई प्रॉक्सी संघर्षों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।