इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी: अमेरिका-ईरान वार्ता की तैयारी
सख्त सुरक्षा व्यवस्था का लागू होना
नई दिल्ली: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अचानक से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के दूसरे चरण की तैयारियों के चलते शहर में लॉकडाउन जैसे हालात बन गए हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी देश ने इस बैठक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सुरक्षा के ये इंतजाम संकेत दे रहे हैं कि महत्वपूर्ण बातचीत होने वाली है।
ट्रंप का इस्लामाबाद दौरा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे इस्लामाबाद आ सकते हैं, लेकिन यह तभी संभव होगा जब समझौते पर हस्ताक्षर करने की स्थिति बने। उच्च स्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा टीम पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुकी है। दो अमेरिकी कार्गो विमान रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर उतरे हैं, जो VVIP आगमन के लिए आवश्यक सामान लाने का संकेत दे रहे हैं।
सड़कें सील की गईं
इस्लामाबाद पुलिस ने रेड जोन और विस्तारित रेड जोन को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस्लामाबाद और रावलपिंडी में भारी और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। लोगों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। ये सुरक्षा प्रतिबंध कई दिनों तक जारी रह सकते हैं।
All private, public and goods transport in Rawalpindi is hereby suspended with immediate effect. Further updates will be shared.
— DC Rawalpindi (@DCRawalpindi) April 19, 2026
راولپنڈی میں ہر قسم کی پرائیویٹ، پبلک اور گڈز ٹرانسپورٹ تا حکمِ ثانی معطل رہے گی۔
مزید معلومات سے بروقت آگاہ کیا جائے گا
होटलों में बुकिंग पर रोक
इस्लामाबाद के प्रमुख होटलों ने नई बुकिंग लेना बंद कर दिया है। लग्जरी मोवेनपिक होटल इस सप्ताह पूरी तरह से भरा हुआ है। सेरेना होटल नई बुकिंग नहीं ले रहा है और पहले से ठहरे मेहमानों को भी रविवार रात से अन्य स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। यह वही होटल है जहां पहले दौर की बातचीत हुई थी, जिससे स्पष्ट है कि होटलों को विशेष तैयारी के लिए खाली कराया जा रहा है।
बातचीत की संभावित तिथि
पहले दौर की वार्ता 12 अप्रैल को समाप्त हुई थी। अब दूसरे दौर की तैयारी चल रही है। ईरान के अधिकारी सीधे संवाद को अधिक प्रभावी मानते हैं। सूत्रों के अनुसार, अगली बैठक मंगलवार तक हो सकती है। पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
ट्रंप के संभावित आगमन और सुरक्षा इंतजामों से यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच समझौते की कोशिशें तेज हो गई हैं, लेकिन ईरान अभी भी अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने की मांग पर अड़ा हुआ है। पूरी दुनिया इस वार्ता पर नजर रखे हुए है, क्योंकि इसका प्रभाव मध्य पूर्व की शांति और वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है।
