ईरान-इजरायल संघर्ष: ट्रंप का स्पष्ट बयान और लेबनान में बढ़ते हमले
ईरान के साथ सीजफायर पर विवाद
ईरान के साथ हुए सीजफायर समझौते की शर्तों पर इजरायल और अमेरिका के बीच मतभेद उभरकर सामने आए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर स्पष्ट रूप से कहा है कि चाहे कितने भी झूठे दावे किए जाएं, परमाणु हथियार नहीं होंगे और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सुरक्षित रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि जब तक असली समझौते का सही पालन नहीं होता, तब तक अमेरिकी सेना मध्य पूर्व में तैनात रहेगी। इस बीच, इजरायल के हमले लेबनान पर जारी हैं, जिसमें अब तक 182 लोगों की जान जा चुकी है। ट्रंप ने कहा कि लेबनान में हिज्बुल्ला पर हमले एक अलग संघर्ष का हिस्सा हैं।
समझौते के बाद ईरान का दावा
समझौते के बाद, ईरान ने यह दावा किया था कि उसे न्यूक्लियर एनरिचमेंट की अनुमति मिल गई है और वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आय प्राप्त कर सकेगा। लेकिन अमेरिका ने इस दावे को खारिज कर दिया है, यह कहते हुए कि न्यूक्लियर एनरिचमेंट की अनुमति नहीं दी गई है। ट्रंप ने भी दोहराया कि किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले का कारण भी यही बताया था कि वह न्यूक्लियर एनरिचमेंट कर रहा था।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा, 'जब तक असली समझौते का पालन नहीं होता, तब तक अमेरिकी जहाज, विमान, सैनिक और अन्य आवश्यक संसाधन ईरान में और उसके आसपास मौजूद रहेंगे। ऐसा होने की संभावना कम है, लेकिन अगर ऐसा हुआ, तो यह एक जोरदार हमला होगा, जो पहले कभी नहीं देखा गया। कितने भी झूठे दावे किए जाएं, समझौता यही है कि कोई परमाणु हथियार नहीं होगा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला रहेगा। हमारी महान सेना तैयार है और अगले लक्ष्य की ओर देख रही है। अमेरिका वापस आ गया है!'
लेबनान में हमले जारी
ईरान के साथ युद्ध-विराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद, इजरायल ने मध्य बेरूत के कई घनी आबादी वाले क्षेत्रों पर हवाई हमले किए, जिसमें 182 लोगों की मौत हो गई। यह इजरायल-हिज्बुल्ला युद्ध के दौरान एक दिन में हुई सबसे अधिक मौतों की संख्या है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि युद्ध-विराम समझौते में लेबनान को शामिल किया जाना चाहिए था, जबकि इजरायल और अमेरिका का कहना है कि इसमें लेबनान शामिल नहीं है। इजरायल ने पहले कहा था कि ईरान के साथ युद्ध-विराम समझौता लेबनान में हिज्बुल्ला के साथ उनकी लड़ाई पर लागू नहीं होता।
ट्रंप का लेबनान पर बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक समाचार चैनल से कहा कि हिज्बुल्ला के कारण लेबनान को युद्ध-विराम समझौते में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने लेबनान पर इजरायल के हालिया हमलों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि यह एक अलग संघर्ष है। हालांकि, समझौते में मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान ने पहले कहा था कि ईरान युद्ध में दो हफ्ते के युद्ध-विराम के तहत इजरायल अपने हमले रोक देगा।
हमलों में बढ़ती संख्या
मंत्रालय ने बताया कि लेबनान पर हुए हमलों में कम से कम 182 लोग मारे गए हैं और 890 अन्य घायल हुए हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से, पिछले पांच सप्ताह में लेबनान में कुल 1,739 लोग मारे गए हैं और 5,873 लोग घायल हुए हैं। इस बीच, ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि तेहरान ने लेबनान पर इजरायली हमलों के जवाब में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद कर दिया है।
