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ईरान-इजरायल संघर्ष: हाइफा रिफाइनरी पर मिसाइल हमला और हिजबुल्ला की कार्रवाई

ईरान और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष ने एक महीने का समय पूरा कर लिया है। हाल ही में, ईरान ने हाइफा की ऑयल रिफाइनरी पर मिसाइल से हमला किया, जिससे आग लग गई। इसके साथ ही, हिजबुल्ला ने भी इजरायल पर हमले तेज कर दिए हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे की ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बना रहे हैं, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
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ईरान-इजरायल संघर्ष: हाइफा रिफाइनरी पर मिसाइल हमला और हिजबुल्ला की कार्रवाई

एक महीने का संघर्ष


अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान के साथ चल रहे युद्ध ने आज एक महीने का समय पूरा कर लिया है। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई जारी हैं। हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। हाल ही में, ईरान ने इजरायल के उत्तरी शहर हाइफा में स्थित एक ऑयल रिफाइनरी पर मिसाइल से हमला किया, जिससे रिफाइनरी में आग लग गई और आसमान में काला धुआं फैल गया। इस हमले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।


हाइफा रिफाइनरी पर दूसरा हमला

यह रिफाइनरी इस संघर्ष में दूसरी बार निशाने पर आई है। ईरान का दावा है कि उसने इसे सटीकता से टारगेट किया। इजरायल की अग्निशामक टीम ने तुरंत आग पर काबू पा लिया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि आग सीधे मिसाइल के हमले से लगी या इंटरसेप्टेड मिसाइल के टुकड़ों से। इजरायल के पास केवल दो ऑयल रिफाइनरी हैं, इसलिए यह हमला उसके लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


हिजबुल्ला की सक्रियता

ईरान के हमले के साथ ही लेबनान स्थित हिजबुल्ला ने भी इजरायल पर हमले तेज कर दिए हैं। हिजबुल्ला का दावा है कि उसने हाइफा में एक नौसेना अड्डे पर मिसाइलों की बौछार की। इन हमलों को मिलाकर इसे डबल अटैक कहा जा रहा है।


हिजबुल्ला ने अन्य सैन्य ठिकानों पर भी रॉकेट दागे। यह हमला तब हुआ जब इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र और कई पेट्रोकेमिकल प्लांट्स पर हमले किए थे।


ऊर्जा सुविधाओं पर हमले

इस संघर्ष में दोनों पक्ष एक-दूसरे की ऊर्जा और सैन्य सुविधाओं को निशाना बना रहे हैं। ईरान के अंदर भी कई पेट्रोकेमिकल संयंत्रों पर इजरायली हमले हो चुके हैं। हाइफा रिफाइनरी पर हमला इजरायल की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा माना जा रहा है।


हालांकि, इजरायल ने कहा है कि नुकसान सीमित है और आग पर काबू पा लिया गया है। युद्ध के 31 दिन बीतने के बाद भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। दोनों तरफ से लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है।