ईरान और अमेरिका के बीच तनाव: क्या सच में बातचीत हो रही है?
कूटनीतिक विवाद की नई परतें
नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक दावों पर एक नया विवाद उभरा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है, जबकि ईरान ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
ईरान का कहना है कि 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत के बाद से अमेरिका के साथ कोई भी सीधी या अप्रत्यक्ष बातचीत नहीं हुई है। यह बयान उस समय आया है जब वाशिंगटन बार-बार यह दावा कर रहा है कि बातचीत में "बहुत अच्छी" प्रगति हो रही है।
ईरान का स्पष्ट बयान: 'कोई बातचीत नहीं हुई'
मंगलवार को ईरानी विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि पिछले 31 दिनों के संघर्ष के दौरान अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की ओर से केवल बातचीत के प्रस्ताव भेजे गए थे।
در نشست سخنگویی امروز مطرح شد:
— Esmaeil Baqaei (@IRIMFA_SPOX) March 30, 2026
ما در این سی و یک روز هیچ مذاکرهای با آمریکا نداشتهایم. آنچه که بوده، ارائه درخواست مذاکره همراه با مجموعهای از پیشنهادها از طرف #آمریکا بوده که توسط برخی واسطهها از جمله پاکستان به دست ما رسیده است.
موضع ما خیلی روشن است. ما الان در شرایطی…
बाक़ाई ने X पर एक पोस्ट में कहा, "इन इकत्तीस दिनों में हमारी अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। जो हुआ है वह अमेरिका की ओर से प्रस्तावों के एक समूह के साथ बातचीत का अनुरोध प्रस्तुत करना है, जो पाकिस्तान सहित कुछ मध्यस्थों के माध्यम से हम तक पहुंचा है।"
सैन्य कार्रवाई के बीच ईरान का ध्यान सुरक्षा पर
ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात में उसका पूरा ध्यान अपनी सुरक्षा और रक्षा पर केंद्रित है। प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका की ओर से जारी सैन्य कार्रवाई के बीच किसी भी प्रकार की बातचीत संभव नहीं है।
उन्होंने कहा, "हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है। अमेरिका की सैन्य आक्रामकता और आक्रमण पूरी तीव्रता से जारी है, ऐसे में हमारे सभी प्रयास और क्षमताएं ईरान के अस्तित्व की रक्षा के लिए समर्पित हैं।"
व्हाइट हाउस के दावों से टकराव
ईरान का यह बयान व्हाइट हाउस के उन दावों के विपरीत है, जिनमें कहा गया था कि बातचीत जारी है और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने भी कहा था कि ईरान के साथ वार्ता "जारी है और अच्छी चल रही है।"
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार यह दावा किया है कि समझौता जल्द हो सकता है और उन्होंने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष दोनों माध्यमों से बातचीत की बात कही है।
संभावित वार्ताकार और कूटनीतिक प्रयास
ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया था कि अमेरिका ने संभावित वार्ताकार के रूप में मोहम्मद बगेर गालिबफ से संपर्क किया है। साथ ही, अमेरिका एक सप्ताह के भीतर यह आकलन करने की योजना बना रहा है कि वह उनके साथ आगे बढ़ सकता है या नहीं।
बढ़ता तनाव और असफल शांति प्रयास
ईरान और अमेरिका के बीच विरोधाभासी बयानों ने दोनों देशों के बीच बढ़ती दूरी को और उजागर कर दिया है। वहीं, गुप्त स्तर पर चल रहे संवादों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
28 फरवरी को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत शुरू हुआ ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध अब दूसरे महीने में पहुंच चुका है। अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या से शुरू हुआ यह संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है और हालात सामान्य होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं।
युद्ध को खत्म करने के प्रयास भी अब तक सफल नहीं हो पाए हैं। अमेरिका की ओर से 15 सूत्रीय शांति योजना पेश की गई थी, जिसे ईरान ने खारिज कर दिया। इसके जवाब में ईरान ने युद्ध क्षतिपूर्ति, प्रतिबंध हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता की मान्यता सहित पांच शर्तें रखी हैं।
