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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव: होर्मुज जलडमरूमध्य पर नया मोड़

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सभी जहाजों के लिए खोलने का निर्णय लिया है, सिवाय दुश्मन देशों के। ट्रंप की धमकी के जवाब में, ईरान ने अपने ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा की बात की है। जानें इस महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य का वैश्विक अर्थ और क्या ट्रंप कोई सैन्य कदम उठाएंगे या बातचीत से मामला सुलझेगा।
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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव: होर्मुज जलडमरूमध्य पर नया मोड़

तनाव की नई परत: ईरान का नरम रुख


नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुंच चुका है। हाल ही में, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के संबंध में अपना रुख थोड़ा नरम किया है, जो कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि यदि यह जलडमरूमध्य पूरी तरह से नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के बिजली घरों को नष्ट कर देगा। इस धमकी के कुछ घंटों बाद, ईरान ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया है।


ईरान का नया बयान: दुश्मनों को छोड़कर सभी के लिए खुला

ईरान के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) में प्रतिनिधि अली मौसावी ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी जहाजों के लिए खुला है, लेकिन ईरान के 'दुश्मन देशों' के जहाजों को छोड़कर। उनका इशारा मुख्य रूप से अमेरिका और इजरायल की ओर था।


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई जहाज ईरान के सुरक्षा नियमों का पालन करता है और दुश्मन देशों से संबंधित नहीं है, तो उसे गुजरने में कोई समस्या नहीं होगी। जहाजों को ईरान के साथ सुरक्षा और सुरक्षा व्यवस्था पर समन्वय करना होगा।


ट्रंप की धमकी और ईरान की प्रतिक्रिया

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा था कि यदि 48 घंटे के भीतर होर्मुज बिना किसी धमकी के नहीं खुला, तो अमेरिका ईरान के सबसे बड़े बिजली घर से शुरू होकर सभी पावर प्लांट्स को नष्ट कर देगा। ईरान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यदि उसके ऊर्जा ढांचे पर हमला हुआ, तो वह क्षेत्र में अमेरिका और इजरायल के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाएगा।


ईरान ने कूटनीति को प्राथमिकता देने की बात की है, लेकिन साथ ही अमेरिका और इजरायल के हमलों को रोकने और आपसी विश्वास बनाने की आवश्यकता को भी बताया है।


स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का वैश्विक महत्व

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लगभग 20% वैश्विक तेल और गैस का परिवहन होता है। पहले ईरान ने इसे दुश्मन देशों के लिए बंद करने की बात कही थी, जिससे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई और वैश्विक बाजार में हलचल मच गई। अब ईरान का यह बयान ट्रंप की धमकी के बाद आया है।


ईरान IMO के साथ मिलकर खाड़ी में जहाजों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए तैयार है, लेकिन यह देखना होगा कि क्या ट्रंप 48 घंटे की डेडलाइन के बाद कोई बड़ा सैन्य कदम उठाएंगे या फिर बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने का प्रयास करेंगे।