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ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव: क्या है USS अब्राहम लिंकन पर हमले का सच?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले को कुछ समय के लिए टाल दिया है, लेकिन ईरान ने USS अब्राहम लिंकन पर मिसाइल हमले का दावा किया है। ईरानी सेना ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि उनका युद्धपोत ईरानी जल क्षेत्र में घुसता है, तो और हमले किए जाएंगे। इस बीच, ट्रंप ने ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमले का अल्टीमेटम वापस ले लिया है, जिसे ईरान ने कमजोरी बताया है। जानिए इस तनावपूर्ण स्थिति के पीछे की सच्चाई।
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ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव: क्या है USS अब्राहम लिंकन पर हमले का सच?

तेहरान का अमेरिका पर हमला


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमले को कुछ समय के लिए टाल दिया है, लेकिन ईरान अपनी स्थिति से पीछे हटने को तैयार नहीं है। तेहरान ने अमेरिकी युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन को निशाना बनाते हुए क्रूज मिसाइलों से हमले का दावा किया है। इसके बाद ईरानी सेना ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी भी दी है।


ईरान का मिसाइल हमले का दावा

ईरानी नौसेना ने जानकारी दी है कि कादर क्रूज मिसाइलों ने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन पर हमला किया, जिसके कारण जहाज को अपनी स्थिति बदलनी पड़ी। ईरानी नौसेना के प्रमुख एडमिरल शहरम ईरानी ने कहा कि अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। जैसे ही यह बेड़ा ईरानी मिसाइलों की रेंज में आएगा, उस पर और हमले किए जाएंगे।


ईरानी मीडिया ने इस हमले की तस्वीरें और वीडियो भी जारी किए हैं। तेहरान का कहना है कि अमेरिकी जहाज ईरानी जल क्षेत्र के निकट आ रहा था, इसलिए इसे निशाना बनाया गया।


ईरान की स्पष्ट चेतावनी

ईरानी सेना ने सरकारी चैनल पर कहा कि यदि अमेरिकी युद्धपोत उनकी मिसाइल रेंज में प्रवेश करता है, तो और भी मिसाइलें दागी जाएंगी। रियर एडमिरल शहरम ईरानी ने दोहराया कि अब्राहम लिंकन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अगर यह ईरान की सीमाओं के करीब आया, तो उसे नुकसान पहुंचाया जाएगा। ईरान ने इस घटना को अमेरिका के खिलाफ अपनी मजबूत रक्षा तैयारियों का हिस्सा बताया है।


ट्रंप का हमला रोकना, ईरान का खंडन

इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमले के लिए दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम को वापस ले लिया था। ईरान ने इसे अमेरिका की कमजोरी करार दिया। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वॉशिंगटन का यह कदम केवल दिखावा है। खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका की पहले की रणनीतिक ताकत अब कमजोर हो चुकी है।


स्थिति की गंभीरता

मध्य पूर्व में दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है। ईरान बार-बार कह रहा है कि वह अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। वहीं, अमेरिका ने ईरानी दावों को खारिज करते हुए कहा है कि अब्राहम लिंकन पूरी तरह सुरक्षित है और उस पर कोई मिसाइल नहीं लगी।