ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव: अमेरिकी विमानों का नाश और तस्वीरों का खेल
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच, ईरान ने अमेरिकी विमानों के नष्ट होने की तस्वीरें साझा की हैं, जिससे अमेरिका पर कटाक्ष किया गया है। अमेरिका ने अपने विमानों को आग लगाने का दावा किया है, जबकि ईरान ने कई विमानों को मार गिराने का आरोप लगाया है। इस विवाद में दोनों पक्षों के दावों और प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण किया गया है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
| Apr 6, 2026, 13:36 IST
मिडिल ईस्ट में तनाव और ईरान की तस्वीरें
मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच एक नई और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। ईरान ने अमेरिकी विमानों के नष्ट हुए हिस्सों की तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से जलकर खाक हो चुके विमान के भाग दिखाई दे रहे हैं। इन तस्वीरों के माध्यम से ईरान ने अमेरिका पर कटाक्ष किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने पायलट को ईरान से सुरक्षित निकालने को अपनी जीत बताया, जबकि ईरानी संसद के स्पीकर ने इन तस्वीरों को साझा करते हुए कहा कि अगर अमेरिका को ऐसी तीन और जीत मिल गई, तो वह पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। इसके अलावा, ईरान की कई एंबेसीज भी इन तस्वीरों को विभिन्न कैप्शंस के साथ साझा कर रही हैं। भारत में स्थित ईरान की एंबेसी ने इन तस्वीरों के साथ लिखा है, 'वेलकम टू हेल' यानी 'जहन्नुम में आपका स्वागत है।'
अमेरिका का बड़ा बयान
ईरान लगातार इन तस्वीरों के जरिए अमेरिका का मजाक बना रहा है, लेकिन अमेरिका ने अब इस पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। अमेरिका ने कहा है कि उसने अपने विमानों को खुद ही आग लगा दी। रिपोर्ट के अनुसार, पायलट को बचाने के लिए यह हाई रिस्क मिशन रात के अंधेरे में चलाया गया, जिसमें अमेरिकी सेना ने दुश्मन के इलाके में घुसकर अपने एयरफोर्स के एक अधिकारी को बाहर निकाला। यह वही अधिकारी था, जिसका F15 ई फाइटर जेट ईरान में गिराया गया था। वॉल स्ट्रीट जनरल के अनुसार, इस मिशन में अमेरिकी सेना के MC130 जे ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का उपयोग किया गया, जो विशेष रूप से दुश्मन के इलाके में ऑपरेशन के लिए बनाए गए हैं।
अमेरिकी विमानों का नाश
हालांकि, ऑपरेशन के दौरान MC130 जे विमान किसी कारणवश फंस गया और उसे निकालना संभव नहीं था। ऐसे में अमेरिकी सेना के पास एक ही विकल्प बचा कि इन विमानों को नष्ट कर दिया जाए ताकि वे ईरान के हाथ न लगें। बताया जा रहा है कि वापसी के दौरान इन विमानों को उड़ा दिया गया। इस प्रकार, एक ओर अमेरिका अपने पायलट को बचा रहा था, वहीं दूसरी ओर अपने महंगे सैन्य संसाधनों को भी कुर्बान कर रहा था। ईरान ने इस अवसर का उपयोग अमेरिका पर तंज कसने के लिए किया, और ईरानी संसद के स्पीकर ने सोशल मीडिया पर इन नष्ट विमानों की तस्वीरें साझा की।
ईरान का दावा
दूसरी ओर, ईरान की सेना ने यह भी दावा किया है कि इस ऑपरेशन के दौरान उसने अमेरिका के कई विमानों को मार गिराया है। ईरान के अनुसार, एक C130 ट्रांसपोर्ट विमान और दो ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर भी इस दौरान नष्ट हुए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। यदि ये दावे सही हैं, तो इस संघर्ष में अब तक अमेरिका के कई लड़ाकू विमान नष्ट हो चुके हैं, जिनमें हाल ही में गिराया गया 15 और एक A10 विमान भी शामिल है। फिलहाल, अमेरिका अपने पायलट की सुरक्षित वापसी को एक बड़ी सफलता मान रहा है, लेकिन इसके लिए चुकाई गई कीमत भी अब सामने आ रही है।
