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ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका में नया मोड़

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता से नया मोड़ आया है। ईरान ने अपनी नई शर्तें पेश की हैं, जबकि अमेरिका पर आरोप भी लगाए गए हैं। ईरान के विदेश मंत्री ने युद्ध की लागत को लेकर अमेरिका की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। इस बीच, तेहरान के इमाम खुमैनी एयरपोर्ट से उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं। जानें इस महत्वपूर्ण वार्ता के बारे में और क्या है इसके पीछे का उद्देश्य।
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ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका में नया मोड़

ईरान की नई शर्तें और वार्ता का उद्देश्य

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता से एक नया मोड़ आया है। ईरान ने पाकिस्तान को अपनी नई शर्तों का प्रस्ताव सौंपा है। इससे पहले भी, दोनों देशों के बीच प्रस्तावों का आदान-प्रदान पाकिस्तान के माध्यम से ही हुआ था। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने एक टीवी साक्षात्कार में कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य युद्ध को समाप्त करना और दीर्घकालिक शांति स्थापित करना है।


अमेरिका पर ईरान के आरोप

ईरान ने वार्ता में असफलता का दोष अमेरिका पर लगाया है। उनका कहना है कि वे बातचीत के माध्यम से स्थिति को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं और शांति की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। पहले दौर की बातचीत के बाद, ईरान ने स्पष्ट किया था कि यदि अमेरिका नाकेबंदी को समाप्त नहीं करता है, तो वार्ता आगे नहीं बढ़ेगी।


ईरान के विदेश मंत्री का बयान

इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह युद्ध की वास्तविक लागत के बारे में झूठ बोल रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि नेतन्याहू के निर्णय के कारण अमेरिका को लगभग एक सौ अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा बताए गए 25 अरब डॉलर की तुलना में वास्तविक खर्च चार गुना अधिक है। अराघची ने यह भी कहा कि 'इजराइल फर्स्ट' नीति का अर्थ है 'अमेरिका लास्ट'।


तेहरान एयरपोर्ट पर उड़ानों की बहाली

हालांकि अमेरिका के साथ वार्ता जारी है, एक सकारात्मक खबर यह है कि ईरान की राजधानी तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं। यह एयरपोर्ट लगभग 58 दिनों तक बंद रहा। वर्तमान में, आठ घरेलू एयरलाइंस 15 गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित कर रही हैं, जिनमें मदीना, इस्तांबुल, मस्कट, चीन और रूस शामिल हैं।