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ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता: क्या है नई स्थिति?

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस्लामाबाद में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जो ईरान और अमेरिका के बीच रुकी हुई वार्ताओं को फिर से गति देने के प्रयासों का संकेत है। पाकिस्तान इस प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि इस बार कोई सीधी बातचीत नहीं होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के प्रस्तावों पर चर्चा की है। क्या ये प्रयास सफल होंगे? जानें पूरी कहानी में।
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ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता में पाकिस्तान की मध्यस्थता: क्या है नई स्थिति?

ईरानी विदेश मंत्री की इस्लामाबाद यात्रा


ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को इस्लामाबाद का दौरा किया, जहां उन्होंने एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह यात्रा ईरान और अमेरिका के बीच रुकी हुई वार्ताओं को फिर से शुरू करने के लिए किए जा रहे कूटनीतिक प्रयासों का संकेत देती है, जिसमें पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। हालांकि, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस बार ईरान और अमेरिका के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं होगी।


पाकिस्तान की भूमिका

पाकिस्तान ईरान की चिंताओं और स्थिति को अमेरिका तक अप्रत्यक्ष रूप से पहुंचाएगा। अधिकारियों के अनुसार, अराघची पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर से मुलाकात करेंगे। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक दार ने अपने एक्स हैंडल पर अराघची और उनके साथियों के आगमन की तस्वीरें साझा की हैं, जिसमें वे फील्ड मार्शल मुनीर और इंटीरियर मंत्री मोहसिन नकवी के साथ ईरानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए दिखाई दे रहे हैं।


ईरान ने सीधी वार्ताओं से किया इनकार

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाएई ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल आधिकारिक यात्रा पर इस्लामाबाद पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ बैठकें करेंगे, जो पाकिस्तान के चल रहे मध्यस्थता प्रयासों का हिस्सा हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य अमेरिका द्वारा थोपे गए आक्रामक युद्ध को समाप्त करना और क्षेत्र में शांति स्थापित करना है। बकाएई ने स्पष्ट किया कि ईरान और अमेरिका के बीच कोई बैठक निर्धारित नहीं है।


पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों में तेजी

हालांकि अनिश्चितता बनी हुई है, पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि दूसरे दौर की बातचीत को सुविधाजनक बनाने के प्रयास तेज हो गए हैं। इस्लामाबाद ने हाल के हफ्तों में दोनों पक्षों को वार्ता की मेज पर लाने के लिए शांतिपूर्ण प्रयास किए हैं, जिससे इसकी मध्यस्थ भूमिका और मजबूत हुई है।


अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की तैयारी

संयुक्त राज्य अमेरिका भी कूटनीतिक संपर्क के लिए तैयार है। विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुश्नर इस्लामाबाद में चर्चा के लिए आने वाले हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने इस विकास की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि बातचीत पाकिस्तान द्वारा सुविधाजनक बनाई जाएगी। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस वाशिंगटन से जुड़े रहेंगे और विदेश मंत्री मार्को रुबियो तथा राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ समन्वय करेंगे।


ट्रंप का बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिका की मांगों को पूरा करने के लिए एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है, क्योंकि पाकिस्तान में शांति वार्ताएं फिर से शुरू होने वाली हैं। ट्रंप ने कहा, "वे एक प्रस्ताव बना रहे हैं और हमें देखना होगा।" उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी संभावित समझौते में ईरान को अपना संवर्धित यूरेनियम छोड़ना होगा और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल शिपमेंट्स की मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करनी होगी।


हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर गतिरोध

पिछली वार्ताएं प्रमुख मुद्दों पर अटक गई थीं, जिनमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े तनाव शामिल थे। ईरान ने वाशिंगटन के साथ किसी भी भविष्य की भागीदारी को क्षेत्र की समुद्री स्थिति से जोड़ दिया है। ट्रंप ने कहा कि वे ईरान के साथ एक स्थायी समझौता चाहते हैं, जबकि यह बनाए रखा कि वाशिंगटन हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर गतिरोध में ऊपरी हाथ रखता है।


कूटनीतिक प्रयासों में तेजी

अराघची ने पहले इस्लामाबाद, मस्कट और मॉस्को को कवर करने वाली बहु-चरणीय कूटनीतिक यात्रा की पुष्टि की थी, जो गतिरोध के बाद नवीनीकृत जुड़ाव का संकेत देती है। हालांकि तेहरान ने दूसरे दौर की बातचीत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन दोनों पक्षों की समानांतर कूटनीतिक गतिविधि से गतिरोध तोड़ने का समन्वित प्रयास सुझता है।