ईरान का अमेरिका को नया प्रस्ताव: क्या होर्मुज जलडमरूमध्य खुलेगा?
नई दिल्ली में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव
नई दिल्ली: अमेरिका के साथ तनाव को कम करने के लिए ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का एक नया प्रस्ताव पेश किया है, लेकिन अमेरिका ने अपने परमाणु कार्यक्रम के संबंध में सख्त रुख अपनाया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इस प्रस्ताव पर स्पष्ट रूप से कहा है कि परमाणु हथियारों के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
ईरान का प्रस्ताव क्या है?
ईरान ने कहा है कि यदि अमेरिका उसके बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी को हटा ले, तो वह युद्ध को रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलने के लिए तैयार है। हालांकि, ईरान का कहना है कि परमाणु मुद्दे पर बाद में चर्चा की जा सकती है। व्हाइट हाउस ने जानकारी दी है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है, और अंतिम निर्णय ट्रंप खुद लेंगे।
रूबियो का सख्त रुख
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने फॉक्स न्यूज को दिए गए एक साक्षात्कार में स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान के साथ किसी भी समझौते में ऐसा होना चाहिए जो उसे परमाणु हथियार बनाने से पूरी तरह रोक दे। उन्होंने कहा, "मुझे कोई संदेह नहीं है कि यदि ईरान में मौजूदा शासन बना रहा, तो वह भविष्य में परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश करेगा। इसलिए यह हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है।"
उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी वार्ताकार बहुत चालाक हैं और समय खरीदने के लिए ऐसे प्रस्ताव ला रहे हैं, लेकिन अमेरिका उन्हें आसानी से नहीं छोड़ेगा। किसी भी समझौते में परमाणु हथियार न बनाने की सख्त शर्तें शामिल होंगी।
अमेरिका का रुख
अमेरिका परमाणु सुरक्षा के मुद्दे पर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है। रूबियो ने स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की कोई अनुमति नहीं दी जाएगी। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस के दौरे पर हैं, लेकिन इस प्रस्ताव में रूस की भूमिका स्पष्ट नहीं है।
वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के तेल निर्यात का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। यदि यह बंद रहता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। अब यह देखना बाकी है कि अमेरिका ईरान की इस नई शर्त को कितना मानता है और दोनों देशों के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है।
