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ईरान का इजरायल पर मिसाइल से धन्यवाद संदेश: क्या है इसके पीछे का राज़?

ईरान ने इजरायल पर दागी गई मिसाइलों पर विभिन्न देशों के लिए धन्यवाद संदेश लिखकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष के बीच, ईरान ने अपने सैन्य अभियानों को जारी रखा है। इस लेख में जानें कि ईरान ने किन देशों का आभार व्यक्त किया है और इस संघर्ष का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।
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ईरान का इजरायल पर मिसाइल से धन्यवाद संदेश: क्या है इसके पीछे का राज़?

ईरान का संघर्ष जारी, अमेरिका और इजरायल पर हमले


अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष के बीच, ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने कदम पीछे खींचने के लिए तैयार नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ समय के लिए हमलों को रोकने का ऐलान किया था, लेकिन ईरान ने इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में अपने सैन्य अभियानों को जारी रखा है। इस दौरान, ईरान ने उन देशों के प्रति आभार व्यक्त किया है, जिन्हें वह अपने समर्थन में मानता है।


ईरान ने मिसाइलों पर लिखा धन्यवाद संदेश

रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने इजरायल पर दागी गई मिसाइलों पर विभिन्न देशों के लिए धन्यवाद संदेश अंकित किए हैं। एक मिसाइल पर भारत के लोगों के लिए 'धन्यवाद' लिखा गया है, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही हैं। इसी तरह, जर्मनी, पाकिस्तान और स्पेन जैसे देशों के नाम भी अलग-अलग मिसाइलों पर लिखे गए हैं। इसे ईरान की ओर से एक प्रतीकात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।


ईरान का सैन्य अभियान और हमले

ईरान की इस्लामिक क्रांतिकारी गार्ड कोर (IRGC) ने दावा किया है कि उसने शुक्रवार को इजरायल के खिलाफ अपना 83वां हमला किया। इस हमले में लंबी और मध्यम दूरी की मिसाइलों के साथ-साथ ड्रोन का उपयोग किया गया, जिनका लक्ष्य इजरायल के सैन्य ठिकाने थे। इसके अतिरिक्त, खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है।


अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल

ईरानी एजेंसियों के अनुसार, बहरीन में अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़ी एक मेंटेनेंस सुविधा पर भी हमला किया गया है। यह संघर्ष 28 फरवरी से लगातार जारी है और ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या के बाद स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है। अमेरिका और इजरायल को उम्मीद थी कि यह युद्ध जल्द समाप्त होगा और ईरान में सत्ता परिवर्तन होगा, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। हाल ही में ट्रंप ने अगले दस दिनों तक ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमले रोकने की घोषणा की है।


संयुक्त राष्ट्र में चर्चा

इस बीच, ईरान की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे पर बंद कमरे में चर्चा बुलाई गई है। रूस ने ईरान में नागरिक ढांचे पर हो रहे हमलों को लेकर यह बैठक बुलाने की मांग की थी। संयुक्त राष्ट्र में रूस के प्रतिनिधि येवगेनी उस्पेंस्की के अनुसार, इस बैठक में शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों पर हमलों जैसे गंभीर मुद्दों पर विचार किया जाएगा।