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ईरान का इजरायल पर मिसाइल हमले का दावा, नेतन्याहू के कार्यालय को बनाया निशाना

ईरान ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय पर मिसाइल हमले का दावा किया है, जो कि खामनेई की हत्या के बाद की स्थिति को और भी तनावपूर्ण बना रहा है। इस हमले के बाद इजरायल ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि ईरान ने क्षेत्र में अपने हमलों को जारी रखने की चेतावनी दी है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
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ईरान का इजरायल पर मिसाइल हमले का दावा, नेतन्याहू के कार्यालय को बनाया निशाना

ईरान का पलटवार

ईरान, जो इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई को खो चुका है, अब जवाबी कार्रवाई कर रहा है। वह लगातार मध्य पूर्व के देशों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है। इजरायल पर भी ईरान की ओर से हमले जारी हैं। हाल ही में, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने सोमवार को यह दावा किया कि उसने तेल अवीव में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि क्या नेतन्याहू उस समय कार्यालय में मौजूद थे। आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि उन्होंने 10वीं लहर के दौरान खेबर शेकान बैलिस्टिक मिसाइलों से इजरायली प्रधानमंत्री के कार्यालय और वायु सेना कमांडर के ठिकाने पर अचानक हमले किए।


इजरायल की प्रतिक्रिया

इस बीच, इजरायल या वहां के मीडिया ने अभी तक इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में खामनेई की मौत के बाद से मध्य पूर्व में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में इजरायली और ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया है। 1 मार्च को हुए हमले में इजरायल के बेत शेमेश में आठ लोग मारे गए और 20 अन्य घायल हुए। यह घटना खामनेई की हत्या के एक दिन बाद हुई। बेत शेमेश, यरुशलम से 30 किमी पश्चिम में स्थित है। इजरायल की आपातकालीन चिकित्सा टीमें घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं और घायलों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर भी बुलाया गया है।


नेतन्याहू का बयान

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका देश ईरान के खिलाफ हमले जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि ईरान पिछले 47 वर्षों से इजरायल और अमेरिका के खिलाफ नाश की मांग कर रहा है। इसी तरह, अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी ईरान को स्थिति को और बढ़ाने से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ईरान ने हाल ही में कहा है कि वे एक बड़ा हमला करने जा रहे हैं, और यदि ऐसा हुआ, तो अमेरिका उनकी ताकत से जवाब देगा।