ईरान का पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष हमला: अफगानिस्तान की तारीफ में उठे सवाल
नई दिल्ली में ईरान का नया संदेश
नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे तनाव के बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अफगानिस्तान की सराहना करते हुए एक पोस्ट किया, जिसमें पाकिस्तान की आलोचना की गई, हालांकि उनका नाम नहीं लिया गया। यह पोस्ट रमजान के अवसर पर जारी किया गया और अब चर्चा का विषय बन गया है।
अफगानिस्तान के प्रति आभार
अब्बास अराघची ने रमजान के इस पवित्र महीने में अफगानिस्तान की सरकार और वहां के नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों की निंदा की और ईरान के लोगों के साथ एकजुटता दिखाई।
विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान ने “आक्रामकता के खिलाफ मजबूती से खड़े होकर” ईरान का समर्थन किया है। तालिबान के अधीन अफगानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता नहीं मिली है, फिर भी ईरान ने उसे खुलकर समर्थन दिया है।
در این ماه پُربرکت رمضان، با جانِ دل از حکومت و مردم افغانستان متشکرم. آنها تجاوز آمریکا و رژیم اسرائیل را محکوم، و با مردم و دولت ایران همدلی و حمایت کردند.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) March 17, 2026
ما با توکل بر خداوند، با استواری و پایداری در برابر تجاوز ایستادهایم. امیدوارم صلح و آرامش در افغانستان نیز پایدار ماند.
पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष आरोप
इस पोस्ट में ईरान ने पाकिस्तान के हालिया कदमों पर सवाल उठाया है, बिना उसका नाम लिए। अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हमलों की निंदा करते हुए, ईरान ने स्पष्ट किया कि जो देश उसके साथ खड़े हैं, वही उसके सच्चे साथी हैं। यह संदेश महत्वपूर्ण है क्योंकि पाकिस्तान ने अमेरिका-इजरायल के हमलों का विरोध किया था, लेकिन ईरान उसकी दोहरी नीति पर नजर रख रहा है।
पाकिस्तान की दोहरी नीति पर सवाल उठाते हुए
पाकिस्तान एक ओर ईरान का समर्थन करने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सऊदी अरब के साथ अपने रक्षा सहयोग को बढ़ा रहा है। हाल ही में, पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सऊदी अरब गए थे, जहां उन्होंने सऊदी रक्षा मंत्री के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
सऊदी अरब, जो ईरान का पुराना प्रतिद्वंद्वी है, के साथ पाकिस्तान के रक्षा समझौते को ईरान एक रणनीतिक चाल मानता है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने संसद में कहा था कि सऊदी अरब के साथ उनका रक्षा समझौता किसी भी खतरे में सक्रिय हो सकता है।
