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ईरान का बड़ा दावा: क्या अमेरिकी लड़ाकू विमान को किया गया निशाना?

ईरान ने एक बड़ा दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को निशाना बनाया है, जबकि अमेरिका ने इसे खारिज कर दिया है। इस घटना के साथ साझा किए गए वीडियो ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को और बढ़ा दिया है। आईआरजीसी के अनुसार, उन्होंने एफ-18 विमान को सफलतापूर्वक निशाना बनाया, लेकिन अमेरिका ने इस दावे को बेबुनियाद बताया है। जानें इस विवाद के पीछे की सच्चाई और ईरान की चेतावनियों के बारे में।
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ईरान का बड़ा दावा: क्या अमेरिकी लड़ाकू विमान को किया गया निशाना?

नई दिल्ली में ईरान का विवादास्पद बयान


मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, ईरान ने एक चौंकाने वाला दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को निशाना बनाया है। इस दावे के साथ एक वीडियो भी साझा किया गया है, जिसने क्षेत्र में संभावित सैन्य टकराव की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।


अमेरिका का खंडन

हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया है। दोनों देशों के बीच विपरीत बयानों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है, और साझा किए गए वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।


आईआरजीसी का दावा

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा है कि उसने एक अमेरिकी एफ-18 लड़ाकू विमान को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। हालांकि, उन्होंने घटना के स्थान, नुकसान या पायलट की स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।


एफ-18 और एफ/ए-18 का अंतर

ईरान ने अपने बयान में "एफ-18" का उल्लेख किया, जबकि यह संभव है कि वह एफ/ए-18 हॉर्नेट की बात कर रहा हो, जो एक बहु-भूमिका लड़ाकू विमान है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि अमेरिकी सेना आधिकारिक तौर पर "एफ-18" नाम से किसी विमान का संचालन नहीं करती।


वीडियो में हवाई हमला

ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी द्वारा साझा किए गए वीडियो में एक लड़ाकू विमान उड़ान भरते हुए दिखाई देता है। फुटेज में अचानक विमान के पास तेज रोशनी दिखाई देती है, जिससे संकेत मिलता है कि उस पर हवा में हमला हुआ हो सकता है। इसके बाद विमान असंतुलित नजर आता है और एक स्पष्ट निशान दिखाई देता है, जो संभावित क्षति या नियंत्रण खोने की ओर इशारा करता है।


वाणिज्य दूतावास का दावा

मुंबई स्थित ईरान का वाणिज्य दूतावास ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह वीडियो साझा किया। पोस्ट में दावा किया गया कि अमेरिकी एफ-18 लड़ाकू विमान को ईरान की एकीकृत हवाई रक्षा प्रणाली ने निशाना बनाया।


अमेरिकी सेना का खंडन

दावे के सामने आने के कुछ ही मिनटों बाद, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे खारिज कर दिया। X पर जारी बयान में कहा गया, "ईरान द्वारा किसी भी अमेरिकी लड़ाकू विमान को नहीं गिराया गया है।"


पहले भी किए गए हैं ऐसे दावे

फरवरी से बढ़ते तनाव के बीच, आईआरजीसी इस तरह के कई दावे कर चुका है। 5 मार्च को, आईआरजीसी ने अमेरिकी एफ-15 स्ट्राइक ईगल को मार गिराने का दावा किया था, जिसे बाद में अमेरिका ने "बेबुनियाद" बताया। 19 मार्च को, आईआरजीसी ने एफ-35 स्टील्थ विमान पर हमले का दावा किया और कहा कि उसे भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, एफ-35 ने आपातकालीन लैंडिंग की थी।


ईरान की चेतावनी

इस घटनाक्रम के बाद मोहम्मद-बघेर ग़ालिबफ़ ने चेतावनी दी कि दुश्मन देश एक ईरानी द्वीप पर कब्जे की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और यदि कोई कदम उठाया गया तो उस देश के बुनियादी ढांचे पर "लगातार हमले" किए जाएंगे।