ईरान की अमेरिका से वार्ता की खबरें निराधार, इस्लामाबाद में शांति वार्ता पर बढ़ी अनिश्चितता
ईरान ने वार्ता की खबरों को किया खारिज
ईरान के सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को उन रिपोर्टों को सिरे से नकार दिया, जिनमें कहा गया था कि उसके उच्च अधिकारी अमेरिका के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान गए हैं। इस बयान ने इस्लामाबाद में प्रस्तावित शांति वार्ता के संदर्भ में और भी अधिक अनिश्चितता पैदा कर दी है।
ईरानी नेता इस्लामाबाद नहीं गए
प्रेस टीवी ने एक समाचार एजेंसी के हवाले से बताया कि न तो विदेश मंत्री अब्बास अराघची और न ही संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कालीबाफ देश से बाहर गए हैं। विश्वसनीय स्रोतों के अनुसार, दोनों नेता तेहरान में ही हैं और अपने आधिकारिक कार्यों में व्यस्त हैं।
एक सूत्र ने स्पष्ट किया कि कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा यह दावा किया गया कि ईरानी वार्ता दल इस्लामाबाद पहुंच चुका है, जो पूरी तरह से गलत है। ईरान ने दोहराया कि जब तक अमेरिका लेबनान में युद्धविराम से संबंधित अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करता और इजरायल के हमले जारी रहते हैं, तब तक बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी.
अमेरिकी रिपोर्ट के बाद ईरान की प्रतिक्रिया
🔴 Reports of Iranian Negotiating Team Entering Islamabad Are False: Fars News Agency
— Mehr News Agency (@MehrnewsCom) April 9, 2026
An informed source stated:
🔻 Claims by some media outlets that an Iranian negotiating delegation has arrived in Islamabad, Pakistan, to hold talks with U.S. officials are completely false.…
यह प्रतिक्रिया एक अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट के बाद आई, जिसमें कहा गया था कि ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार रात इस्लामाबाद पहुंचा है। एक अन्य समाचार एजेंसी ने भी इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि जब तक लेबनान में स्थायी युद्धविराम नहीं होता, ईरान अमेरिका के साथ किसी भी वार्ता में शामिल होने की योजना नहीं बना रहा है।
पाकिस्तान में ईरानी राजदूत का बयान
इस बीच, पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा आमिर मोगद्दम ने पहले संकेत दिया था कि 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद आएगा। हालांकि, लेबनान में इजरायली हवाई हमलों के बाद उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया, जिससे स्थिति और भी अधिक अस्पष्ट हो गई।
ईरान के राष्ट्रपति की चिंता
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इजरायल के हालिया हमलों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसे कदम कूटनीतिक प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान अपने सहयोगियों का साथ नहीं छोड़ेगा।
दूसरी ओर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दो सप्ताह का युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होता। हाल के भीषण हमलों ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।
पाकिस्तान की वार्ता की तैयारियां जारी
अनिश्चितता के बावजूद, पाकिस्तान ने वार्ता की तैयारियों को जारी रखा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 10 अप्रैल को बातचीत आयोजित करने की घोषणा की थी। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और इस्लामाबाद के रेड जोन में सेना और रेंजर्स की तैनाती बढ़ा दी गई है। हालांकि, अभी तक किसी भी प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
