Newzfatafatlogo

ईरान की खतरनाक योजनाएं: अमेरिका और इजरायल पर हमले की तैयारी

तेहरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बावजूद, ईरान का इस्लामिक शासन अपनी पकड़ बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का कट्टरपंथी नेतृत्व अब पहले से अधिक खतरनाक हो गया है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान इजरायल पर हमले की योजना बना रहा है, जिसमें 2000 मिसाइलों का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा, ईरान अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों को चीनी तकनीक से उन्नत कर रहा है। वैश्विक स्तर पर तीसरे विश्व युद्ध की आशंका भी बढ़ रही है। जानें ईरान की खतरनाक योजनाओं के बारे में।
 | 
ईरान की खतरनाक योजनाएं: अमेरिका और इजरायल पर हमले की तैयारी

तेहरान में विरोध प्रदर्शनों के बावजूद शासन की मजबूती


नई दिल्ली: तेहरान में महीनों से चल रहे बड़े विरोध प्रदर्शनों के बावजूद, ईरान का इस्लामिक शासन अपनी सत्ता को बनाए रखने में सफल रहा है। इन प्रदर्शनों को दबाने के लिए सरकार ने कठोर और दमनकारी उपायों का सहारा लिया है, जिसके परिणामस्वरूप हजारों लोगों की मौत की खबरें आई हैं। कुछ रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 12,000 से अधिक बताई गई है।


कट्टरपंथी नेतृत्व की बढ़ती खतरनाकता

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि विद्रोह को क्रूरता से दबाने के बाद, ईरान का कट्टरपंथी नेतृत्व अब पहले से कहीं अधिक खतरनाक हो सकता है। खासकर जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व के प्रति नरम रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को फांसी देने की योजना को वापस ले लिया है।


आंतरिक विरोध के बाद निर्णायक टकराव की तैयारी

विश्लेषकों का मानना है कि ईरानी नेतृत्व अब एक बड़े और निर्णायक टकराव की तैयारी कर रहा है। ब्रिटिश मीडिया आउटलेट द सन के अनुसार, ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु हथियार कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।


एक्सपर्ट्स के अनुसार, पिछले साल जून में ईरान की परमाणु सुविधाओं पर अमेरिकी हमले के बावजूद, तेहरान का अधिकांश परमाणु सामग्री सुरक्षित है। रिपोर्ट में कहा गया है कि संशोधित यूरेनियम की मात्रा लगभग आधा टन है।


इजरायल पर हमले की योजना

रिपोर्टों के अनुसार, ईरान भविष्य में इजरायल पर लगभग 2000 मिसाइलों से हमला करने की योजना बना रहा है। यह हमला पिछले जून के 12 दिवसीय युद्ध से कहीं बड़ा हो सकता है।


जून में हुए हवाई हमलों के दौरान, ईरान ने लगभग 550 बैलिस्टिक मिसाइलें और 1000 से अधिक ड्रोन दागे थे, जिससे इजरायल को भारी नुकसान हुआ था।


चीनी तकनीक से मिसाइलों का उन्नयन

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ईरान से दागी गई 10 प्रतिशत से अधिक मिसाइलें इजरायल की एयर डिफेंस प्रणाली को भेदने में सफल रही हैं। एक हमले में 200 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं, जिसमें तीन लोगों की मौत और 60 से अधिक लोग घायल हुए थे।


विश्लेषकों का कहना है कि ईरान अब चीनी तकनीक का उपयोग करके अपनी बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों को उन्नत कर रहा है, ताकि एक साथ दस गुना अधिक मिसाइलें लॉन्च की जा सकें।


24 घंटे चलने वाली मिसाइल उत्पादन लाइन

ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत में बार-बार शामिल होने से इनकार करने के बाद, वैश्विक स्तर पर तीसरे विश्व युद्ध की आशंका फिर से बढ़ने लगी है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में हिंसक प्रदर्शनों के बावजूद, ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन लाइनें 24 घंटे काम कर रही हैं।


इजरायल के इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज के विशेषज्ञ डॉ. रज जिम्ट ने कहा कि यदि युद्ध का अगला दौर शुरू होता है, तो इजरायल केवल सैन्य ठिकानों या परमाणु सुविधाओं तक सीमित नहीं रहेगा।


तेल प्रतिष्ठानों और शासन पर हमले की संभावना

डॉ. जिम्ट के अनुसार, इजरायल भविष्य में तेल प्रतिष्ठानों और सीधे इस्लामिक शासन को निशाना बना सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान भी चुप नहीं बैठेगा और जवाबी मिसाइल हमले करेगा, जिससे संघर्ष अमेरिकी ठिकानों और खाड़ी देशों तक फैल सकता है।


परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त यूरेनियम

विशेषज्ञों ने बताया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम अब भी सक्रिय है। देश के पास कम से कम 400 किलोग्राम यूरेनियम मौजूद है, जो 60 प्रतिशत तक समृद्ध किया जा चुका है। यदि इसे 90 प्रतिशत के सैन्य स्तर तक पहुंचाया जाए, तो इससे लगभग 10 परमाणु बम बनाए जा सकते हैं।


विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि इजरायल ने दोबारा हमला किया, तो तेहरान किसी भी हद तक जाने से पीछे नहीं हटेगा।