ईरान की चेतावनी: ऊर्जा ढांचे पर हमले का गंभीर परिणाम होगा
मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव
नई दिल्ली: मध्य-पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव अब और अधिक गंभीर होता जा रहा है। ईरान ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि उसके तेल और गैस के ठिकानों या बंदरगाहों पर हमला किया गया, तो वह पूरे क्षेत्र की ऊर्जा व्यवस्था को निशाना बना सकता है। इस चेतावनी ने पहले से चल रहे संघर्ष को और भी खतरनाक बना दिया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने कहा है कि देश के ऊर्जा ढांचे पर किसी भी प्रकार का हमला गंभीर परिणाम ला सकता है।
ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, सेना के केंद्रीय परिचालन कमान के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान के तेल, गैस स्थलों या बंदरगाहों पर यदि कोई छोटा सा हमला होता है, तो यह कड़ी प्रतिक्रिया को जन्म देगा। प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि ऐसे हमले की स्थिति में ईरान की प्रतिक्रिया न केवल देश की सीमाओं तक सीमित रहेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे को भी प्रभावित कर सकती है।
क्षेत्रीय ऊर्जा ढांचे पर खतरा
क्षेत्र के तेल-गैस ढांचे पर खतरा
ईरान ने कहा है कि यदि उसके ऊर्जा संसाधनों पर हमला हुआ, तो मध्य-पूर्व में मौजूद सभी तेल और गैस सुविधाओं को निशाना बनाया जा सकता है, जिनमें अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगियों के हित जुड़े हुए हैं। इससे पूरे क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की संभावना है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है और हाल के दिनों में कई सैन्य हमले हो चुके हैं।
अमेरिकी हमलों का दावा
अमेरिकी हमलों का दावा
अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से अमेरिकी सेना ने ईरान के अंदर 5,500 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इन हमलों में समुद्र में मौजूद 60 से अधिक जहाजों को भी निशाना बनाने की बात कही गई है। इन हमलों को लेकर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है।
लारीजानी की चेतावनी
लारीजानी की चेतावनी: क्षेत्र अंधेरे में डूब सकता है
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने भी इस स्थिति पर गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि ईरान के बिजली ढांचे पर हमला हुआ, तो इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यदि ऐसा हुआ, तो आधे घंटे के भीतर पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध शुरू करना आसान होता है, लेकिन इसे खत्म करना उतना आसान नहीं होता।
ट्रंप के दावे पर प्रतिक्रिया
ट्रंप के दावे पर प्रतिक्रिया
लारीजानी की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के एक दिन बाद आई है। ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका-इजरायल के सैन्य अभियान ने ईरान की सैन्य ताकत को काफी हद तक कमजोर कर दिया है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और रक्षा प्रणाली लगभग निष्क्रिय हो चुकी है और अमेरिका को वहां बढ़त हासिल है।
ईरान के नेतृत्व की एकता की अपील
ईरान के नेतृत्व ने एकता की अपील की
बढ़ते तनाव के बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राष्ट्रीय एकता बहुत जरूरी है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि ईरान विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की रणनीति भी अपना सकता है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है।
पड़ोसी देशों को चेतावनी
पड़ोसी देशों को भी चेतावनी
ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने कहा कि तेहरान नहीं चाहता कि इस तरह का युद्ध फिर से उस पर थोपा जाए। उन्होंने बताया कि कुछ महीनों के विराम के बाद संघर्ष दोबारा शुरू हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने पहले ही अपने पड़ोसी देशों को चेतावनी दी थी कि यदि अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में शामिल होता है, तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे और संपत्तियां भी निशाने पर आ सकती हैं।
