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ईरान की छाया बेड़े से कच्चे तेल की निरंतर बिक्री, अमेरिका की निगरानी के बावजूद

ईरान ने अमेरिका की कड़ी निगरानी और समुद्री नाकाबंदी के बावजूद अपने कच्चे तेल का निर्यात जारी रखा है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान एक गुप्त 'शैडो फ्लीट' का उपयोग कर रहा है, जिससे वह प्रतिदिन लगभग 15 लाख बैरल तेल बेच रहा है। इस लेख में जानें कि ईरान किस प्रकार पुराने और कम पहचान वाले टैंकरों का सहारा लेकर अपने तेल को चीन और अन्य देशों में भेज रहा है, और अमेरिकी निगरानी से बचने के लिए उसकी रणनीतियाँ क्या हैं।
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ईरान की छाया बेड़े से कच्चे तेल की निरंतर बिक्री, अमेरिका की निगरानी के बावजूद

ईरान का कच्चा तेल निर्यात जारी


नई दिल्ली: अमेरिका की कड़ी निगरानी और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री नाकाबंदी के बावजूद, ईरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल बेचने में सफल रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने इस कार्य के लिए एक गुप्त 'शैडो फ्लीट' का सहारा लिया है। यह दावा किया जा रहा है कि होर्मुज क्षेत्र में अमेरिकी दबाव के बावजूद, ईरान ने अब तक लगभग 70 मिलियन बैरल तेल बेच दिया है, जिसमें प्रतिदिन लगभग 15 लाख बैरल की आपूर्ति गुप्त तरीके से की जा रही है।


ईरान के टैंकरों का रहस्य

रिपोर्टों के अनुसार, ईरान पुराने और कम पहचान वाले तेल टैंकरों का उपयोग कर रहा है। इन जहाजों के माध्यम से सबसे अधिक तेल चीन को भेजा गया है, जबकि इंडोनेशिया और मलेशिया भी ईरानी तेल के प्रमुख खरीदारों में शामिल हैं।


ईरान पहले अपने तेल को पुराने टैंकरों में भरता है और फिर कई जहाजों को एक साथ होर्मुज क्षेत्र से बाहर निकालता है। इन टैंकरों की सुरक्षा के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के जवान भी तैनात रहते हैं। बताया गया है कि ये जहाज तेजी से चीन की ओर बढ़ते हैं ताकि अमेरिकी निगरानी से बचा जा सके।


अमेरिकी निगरानी से बचने की रणनीतियाँ

अमेरिकी सैटेलाइट और रडार सिस्टम से बचने के लिए, ईरान कथित तौर पर जहाजों की पहचान छिपाने की रणनीति अपना रहा है। टैंकरों के नंबर मिटा दिए जाते हैं और ऊपर रखे उपकरणों को काले तिरपाल से ढक दिया जाता है। इसके अलावा, जिन देशों की समुद्री सीमा से जहाज गुजरते हैं, वहां पहले से संपर्क साधकर रास्ता आसान बनाया जाता है।


हालांकि, इस अभियान में ईरान को जोखिम भी उठाना पड़ रहा है। अमेरिका की निगरानी में कई बार उसके जहाज आ चुके हैं। रिपोर्टों में कहा गया है कि अब तक दो ईरानी तेल टैंकर होर्मुज के बाहर नष्ट किए जा चुके हैं, फिर भी ईरान ने अपने तेल निर्यात की गति को कम नहीं किया है।


समुद्री नाकाबंदी की स्थिति

अमेरिका ने 13 अप्रैल को ओमान की खाड़ी में ईरान के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी की घोषणा की थी। इसके लिए युद्धपोत भी तैनात किए गए थे, लेकिन इसका ईरान के तेल कारोबार पर कोई खास असर नहीं पड़ा। पिछले 45 दिनों में, ईरान ने लगभग 70 मिलियन बैरल तेल बेचने का दावा किया है। इसके अलावा, 2025 में अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद, ईरान ने लगभग 31 बिलियन डॉलर का तेल निर्यात किया था।