ईरान की युद्ध तैयारी: कलीबाफ ने दी चेतावनी, इजरायल में हाई अलर्ट
तेहरान की युद्ध की तैयारी
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने स्पष्ट किया है कि तेहरान किसी भी संभावित युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अपने विरोधियों पर भरोसा न करने की बात कही। इस बीच, यह जानकारी सामने आई है कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कोर (IRGC) तेजी से अपने मिसाइल और ड्रोन भंडार को मजबूत कर रही है। इन घटनाक्रमों के बीच, इजरायल ने अपने देश में उच्चतम स्तर का अलर्ट जारी किया है, यह मानते हुए कि युद्धविराम समाप्त होने पर हमले की संभावना है.
कलीबाफ का बयान
शनिवार को एक संबोधन में, कलीबाफ ने कहा कि अमेरिका ने धोखे से तीसरा युद्ध शुरू किया था। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले संघर्षों की शुरुआत कमांडरों की हत्याओं से हुई थी। ईरान वर्तमान युद्ध में जून 2025 में हुए 12 दिवसीय युद्ध के अनुभव के साथ शामिल हो रहा है.
तनाव की स्थिति
कलीबाफ ने यह भी कहा कि ईरानी सेना ने युद्ध के दौरान 170 से 180 ड्रोन को नष्ट किया और उन्नत लड़ाकू विमानों को गिराया। यह सब महीनों की योजना और संचालन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने विरोधियों पर भरोसा नहीं करता और किसी भी समय तनाव बढ़ सकता है.
अमेरिकी दबाव का विरोध
कलीबाफ ने बताया कि पाकिस्तान सहित कई देशों के माध्यम से ईरान को प्रस्ताव भेजे गए थे। युद्ध के 36वें दिन सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में इस पर चर्चा की गई। ईरान ने अमेरिकी दबाव का मजबूती से विरोध किया और धमकियों का जवाब दिया.
ईरान का नियंत्रण
उन्होंने अमेरिका की नाकेबंदी को गुमराह करने वाला बताया और कहा कि होर्मुज पर ईरान का पूरा नियंत्रण है। ईरान की अनुमति के बिना कोई भी पक्ष इस जलमार्ग से नहीं गुजर सकता। कलीबाफ ने यह भी कहा कि ईरान अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर चुका है, जबकि दुश्मन अपने उद्देश्यों में असफल रहा है. तेहरान अमेरिका को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी हस्तक्षेप की अनुमति नहीं देगा.
आईआरजीसी की युद्ध तैयारी
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कोर (IRGC) ने युद्धविराम के दौरान ड्रोन और मिसाइलों का उत्पादन शुरू कर दिया है, जो अमेरिका और इजरायल के लिए चिंता का विषय है। आईआरजीसी के एयरोस्पेस फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल माजिद मूसावी ने कहा कि युद्धविराम अवधि के दौरान मिसाइल और ड्रोन लॉन्च प्लेटफार्मों की पुनःपूर्ति की गति युद्ध-पूर्व स्तरों को पार कर चुकी है.
