ईरान के खार्ग आइलैंड पर अमेरिका की नजर, ट्रंप का तेल पर दावा
ट्रंप का ईरान के तेल पर दावा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि वह ईरान के तेल पर नियंत्रण स्थापित करना चाहते हैं। 29 मार्च को फाइनेंशियल टाइम्स को दिए गए एक साक्षात्कार में, ट्रंप ने यह स्पष्ट किया कि उनका मानना है कि ईरान का तेल अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने वेनेजुएला के हालात का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने के बाद, अमेरिका ने वहां के तेल उद्योग को अपने नियंत्रण में रखने की योजना बनाई थी। ईरान का अधिकांश तेल खार्ग आइलैंड से निकलता है।
ईरान की सुरक्षा तैयारियां
ईरान की नौसेना और पासदाराने इस्लाम के जवान अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए तैयार हैं। खार्ग आइलैंड, जो रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, पर ईरान ने अपनी फोर्सेस तैनात कर दी हैं। ईरान ने यह सुनिश्चित किया है कि यदि दुश्मन की सेना यहां पहुंचती है, तो उन्हें कड़ा जवाब दिया जाएगा। ईरान के मीडिया चैनल पर प्रसारित वीडियो में दिखाया गया है कि द्वीपों पर ईरानी फौजें तैनात की जा रही हैं।
खार्ग आइलैंड का महत्व
खार्ग आइलैंड ईरान के लिए आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से ईरान का 90% तेल निर्यात होता है। हाल के दिनों में ईरान को इसराइल और अमेरिका के हमलों का सामना करना पड़ा है, और इस समय उनका सबसे बड़ा चैलेंज इस द्वीप की रक्षा करना है। अमेरिका की नजर इस द्वीप पर है, और इसराइल ने इसे निशाना बनाने की कोशिश की है। खार्ग आइलैंड केवल एक भूभाग नहीं है, बल्कि यह ईरान की अर्थव्यवस्था की धड़कन है।
स्थानीय युवाओं की भागीदारी
ईरान ने खार्ग आइलैंड की रक्षा के लिए स्थानीय युवाओं को भी लड़ाई में शामिल होने के लिए प्रेरित किया है। केशम द्वीप पर भी ईरान ने अपनी नौसेना को तैनात किया है। 7 मार्च 2026 को, अमेरिकी इसराइल एयर स्ट्राइक ने द्वीप के डिसलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया था, जिससे 30 गांवों की पानी की सप्लाई प्रभावित हुई थी। इसके जवाब में, आईआरजीसी ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया था।
