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ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की जंग: संघर्ष विराम और नई शर्तें

28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद, संघर्ष विराम की घोषणा की गई है। ईरान ने 10 शर्तें रखी हैं, जिन पर अमेरिका सहमत हो गया है। इस लेख में हम ईरान की स्थिति, संघर्ष के परिणाम और अमेरिका के साथ ईरान के नए समझौते पर चर्चा करेंगे। क्या यह संघर्ष विराम स्थायी होगा? जानें इस लेख में।
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ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की जंग: संघर्ष विराम और नई शर्तें

संघर्ष विराम की घोषणा

28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया, जिससे सैकड़ों लोग मारे गए। इस संघर्ष में अमेरिकी, इजरायली और ईरानी नागरिकों की जानें गईं। लेबनान भी इस युद्ध के दुष्प्रभावों से अछूता नहीं रहा। प्रारंभ में इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, जिसके बाद ईरान ने अपने सहयोगियों पर जवाबी हमले किए। डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक यह घोषणा की कि वह पाकिस्तान के अनुरोध पर ईरान के खिलाफ युद्ध को रोकने का निर्णय ले रहे हैं।


ईरान की जवाबी कार्रवाई

ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिससे सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन में अमेरिकी प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान हुआ। 35 दिनों के संघर्ष के बाद, अमेरिका ने ईरान की सभ्यता को मिटाने का दावा किया, लेकिन ईरान ने कहा कि युद्ध उनकी शर्तों पर रुका है। ईरान ने युद्ध विराम के लिए 10 शर्तें रखी हैं, जिन पर अमेरिका सहमत हो गया है।


ईरान की 10 शर्तें

इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान:
आपने युद्ध शुरू किया था, ईरान ने समाप्ति की शर्तें रखीं। ईरान ने 10 शर्तें रखी हैं, जिन्हें अमेरिका मानने के लिए तैयार है। अब युद्ध नहीं होगा, होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण होगा, यूरेनियम संवर्धन जारी रहेगा, सभी प्रतिबंध हटाए जाएंगे, यूएन के सभी प्रस्ताव रद्द होंगे, IAEA बोर्ड के प्रस्ताव भी समाप्त होंगे, ईरान को वित्तीय सहायता दी जाएगी, और अमेरिकी सेना को क्षेत्र से हटना होगा।


संघर्ष विराम की जीत

ईरान ने 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका के हमले का जवाब दिया। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की हत्या कर दी गई, जिसके बाद मोजतबा अली खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाया गया। ईरान ने सऊदी अरब, दुबई, कतर, बहरीन, कुवैत, इराक, साइप्रस और जॉर्डन में हमले किए। अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान हुआ।


ईरान का नियंत्रण

डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज को 'ट्रंप स्ट्रेट' कहकर अमेरिकी नौसेना को सक्रिय किया। लेकिन ईरान ने होर्मुज में कई आत्मघाती हमले किए, जिससे अमेरिका को नुकसान हुआ। अब भी होर्मुज का नियंत्रण ईरान के पास है।


यूरेनियम संवर्धन पर ईरान का रुख

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के यूरेनियम संवर्धन की शर्त मान ली है। ईरान अब यूरेनियम का संवर्धन करेगा, जिसे अमेरिका और इजरायल खतरा मानते हैं।


प्रतिबंधों का हटना

अमेरिका ने ईरान पर कई व्यापारिक प्रतिबंध लगाए हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका को सभी प्राथमिक और सेकेंड्री प्रतिबंध हटाने होंगे।


संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंध

ईरान का दावा है कि अमेरिका, सुरक्षा परिषद द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने पर सहमत हुआ है।


ईरान की क्षतिपूर्ति की मांग

ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों में हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है।


अमेरिका की सेना की वापसी

ईरान का कहना है कि अमेरिका को उन क्षेत्रों से हटना होगा, जहां से वह ईरान को प्रभावित कर सकता है।


विद्रोही गुटों पर कार्रवाई का निलंबन

ईरान ने कहा है कि अमेरिका को ईरान समर्थक विद्रोही गुटों पर हमले रोकने होंगे।