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ईरान के नतान्ज़ परमाणु संयंत्र पर हवाई हमले की जानकारी

ईरान के नतान्ज़ परमाणु संयंत्र पर हाल ही में एक हवाई हमला हुआ है, जिसमें विकिरण रिसाव की कोई सूचना नहीं है। यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मध्य पूर्व में सैन्य अभियानों को कम करने के बयान के बाद हुआ। इस बीच, इज़राइल और सऊदी अरब के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, जिसमें मिसाइल हमले और ड्रोन गिराने के दावे शामिल हैं। जानिए इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो रहा है।
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ईरान के नतान्ज़ परमाणु संयंत्र पर हवाई हमले की जानकारी

ईरान के नतान्ज़ पर हवाई हमला

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी मिज़ान के अनुसार, शनिवार को नतान्ज़ परमाणु संवर्धन संयंत्र पर एक हवाई हमला हुआ। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हमले के परिणामस्वरूप कोई विकिरण रिसाव नहीं हुआ, जबकि मध्य पूर्व में युद्ध अब चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। नतान्ज़, जो ईरान का प्रमुख संवर्धन केंद्र है, पर पहले सप्ताह में भी हमला हुआ था, और उपग्रह चित्रों से पता चलता है कि कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने पहले हमले के बाद विकिरण से संबंधित किसी भी परिणाम की संभावना को नकारा था। यह संयंत्र तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर (135 मील) दूर स्थित है और इसे जून 2025 में ईरान और इज़राइल के बीच हुए युद्ध के दौरान इज़राइली हवाई हमलों का सामना करना पड़ा था।


ट्रम्प का बयान और अमेरिका की सैन्य गतिविधियाँ

यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान के एक दिन बाद हुआ, जिसमें उन्होंने मध्य पूर्व में सैन्य अभियानों को "कम करने" पर विचार करने की बात कही थी। इस बीच, अमेरिका ने क्षेत्र में तीन और उभयचर हमलावर जहाज और लगभग 2,500 अतिरिक्त मरीन सैनिक भेजे हैं। ट्रम्प का सोशल मीडिया पर किया गया पोस्ट ईरान द्वारा विश्वभर में मनोरंजन और पर्यटन स्थलों पर हमले की धमकी के बाद आया है। अमेरिका की ओर से मिले-जुले संदेशों के बीच तेल की कीमतों में वृद्धि हुई, जिससे अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई। इसके बाद ट्रम्प प्रशासन ने ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य ईंधन की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करना है।


युद्ध की स्थिति और इज़राइल-सऊदी अरब के दावे

तीन सप्ताह से चल रहे इस युद्ध में मंदी के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। इज़राइल का कहना है कि ईरान ने शनिवार सुबह भी उस पर मिसाइलें दागीं। वहीं, सऊदी अरब ने दावा किया कि उसने अपने पूर्वी क्षेत्र में, जहां प्रमुख तेल प्रतिष्ठान स्थित हैं, महज दो घंटों में 20 ड्रोन मार गिराए। ये हमले इज़राइली हवाई हमलों के एक दिन बाद हुए, जो उस समय हुए जब ईरानी लोग फारसी नव वर्ष नवरोज़ का जश्न मना रहे थे। हालांकि, युद्ध के कारण इस बार त्योहार की रौनक फीकी पड़ गई है।