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ईरान के नेता का अमेरिका पर कड़ा बयान: फारस की खाड़ी में स्थिरता की आवश्यकता

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने फारस की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को असुरक्षा का मुख्य कारण बताया है। उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता की आवश्यकता पर जोर दिया और चेतावनी दी कि अमेरिका का प्रभाव समाप्त होना चाहिए। इसके साथ ही, ईरान की नौसेना ने अमेरिका को नई समुद्री क्षमताओं का प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। जानें इस महत्वपूर्ण बयान के पीछे की बातें और ईरान की सैन्य रणनीति के बारे में।
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ईरान के नेता का अमेरिका पर कड़ा बयान: फारस की खाड़ी में स्थिरता की आवश्यकता

ईरान के सर्वोच्च नेता का बयान

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि फारस की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति असुरक्षा का मुख्य कारण है। उनका मानना है कि यदि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का प्रबंधन करता है, तो इससे क्षेत्र में स्थिरता आएगी और स्थानीय देशों को लाभ होगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि क्षेत्र का भविष्य अमेरिकी प्रभाव से मुक्त होगा। उनके अनुसार, विदेशी शक्तियों के लिए यहां कोई स्थान नहीं है, सिवाय जल की गहराई के।


खामेनेई का स्वास्थ्य और बयान

मोजतबा खामेनेई का यह बयान ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित किया गया। 28 फरवरी को शुरू हुई लड़ाई के बाद से उन्होंने कई बार लिखित बयान जारी किए हैं। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिका-इजरायल के हमले में उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और उनका इलाज कोम शहर में चल रहा है।


परमाणु कार्यक्रम पर खामेनेई का दृष्टिकोण

ईरान के सर्वोच्च नेता ने कहा कि देश अपनी सैन्य और तकनीकी क्षमताओं की रक्षा करना जारी रखेगा और क्षेत्र में अमेरिकी प्रभाव को पूरी तरह से नकारता है। मोजतबा ने परमाणु कार्यक्रम के मामले में अपने पिता से भिन्न दृष्टिकोण अपनाया है और परमाणु तथा मिसाइल क्षमताओं की रक्षा की बात की है।


ईरान की नौसेना की चेतावनी

ईरान की नौसेना ने अमेरिका को एक नई चेतावनी दी है। नौसेना के कमांडर शाहराम ईरानी ने कहा कि ईरान जल्द ही नई समुद्री क्षमताओं का प्रदर्शन करेगा, जिससे दुश्मन डरेंगे।


इसके अलावा, आईआरजीसी के एयरोस्पेस फोर्स कमांडर माजिद मूसावी ने भी अमेरिकी सेना को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिकी हमलों का जवाब लंबे और भीषण हमलों से देगा, भले ही उनके हमले छोटे हों। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों की स्थिति देखी है और वे अमेरिकी जहाजों की भी निगरानी करेंगे।