ईरान के नेता की मौत से भड़के विरोध: कराची से बगदाद तक का हाल
मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव
मध्य पूर्व में हालात बिगड़ते जा रहे हैं, और अब यह आग अन्य देशों तक फैलती नजर आ रही है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल के हमलों में मौत की पुष्टि के बाद, कई देशों में गुस्सा फूट पड़ा है। पाकिस्तान, इराक और भारत के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है।
कराची में प्रदर्शन
पाकिस्तान के कराची में बड़ी संख्या में लोग अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर इकट्ठा हुए। स्थिति तब बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने मुख्य प्रवेश द्वार की ओर बढ़कर तोड़फोड़ शुरू कर दी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कुछ लोग परिसर में घुसने की कोशिश करते हुए और संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए दिखाई दिए। रिपोर्टों के अनुसार, इमारत के कुछ हिस्सों में आग भी लगाई गई। सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
ईरान में शोक की घोषणा
ईरान में 40 दिन का शोक
ईरानी सरकारी मीडिया ने खामेनेई की मौत की पुष्टि करते हुए इसे राष्ट्रीय क्षति बताया है। सरकार ने उनके सम्मान में 40 दिनों के शोक की घोषणा की है। देशभर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और कई स्थानों पर श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही हैं।
बगदाद में विरोध प्रदर्शन
बगदाद में भी विरोध
इराक की राजधानी बगदाद में भी तनाव का असर देखने को मिला। वहां प्रदर्शनकारी अमेरिकी दूतावास के बाहर इकट्ठा हुए और वाशिंगटन पर क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने विदेशी सैन्य हस्तक्षेप समाप्त करने की मांग की और कहा कि अमेरिका मध्य पूर्व की स्थिति के लिए जिम्मेदार है।
जम्मू-कश्मीर में विरोध
जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन
भारत के जम्मू-कश्मीर के रामबन क्षेत्र में भी विरोध प्रदर्शन हुए। यहां प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के पुतले जलाए। स्थानीय शिया समुदाय के नेता सैयद समर काज़मी ने खामेनेई की हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह हमला धोखे से किया गया और इसे मुस्लिम समुदाय पर हमला माना जा रहा है।
परमाणु वार्ता का विफल होना
परमाणु वार्ता विफल, फिर भड़का संघर्ष
विशेषज्ञों के अनुसार, तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत के विफल होने के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया था। शनिवार को अमेरिका और इज़रायल ने समन्वित सैन्य कार्रवाई शुरू की, जिसके बाद हालात तेजी से बिगड़ गए। खामेनेई की मौत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई हलचल पैदा कर दी है। पाकिस्तान से लेकर इराक और भारत तक विरोध की आवाजें उठ रही हैं।
