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ईरान के नेता खामेनेई ने ट्रंप पर साधा निशाना, होर्मुज जलडमरूमध्य का नया प्रबंधन होगा शांति का प्रतीक

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को राष्ट्रीय संपत्ति मानता है और इनकी रक्षा करेगा। खामेनेई ने फारस की खाड़ी में अमेरिकी उपस्थिति को नकारते हुए एक उज्ज्वल भविष्य की बात की है। जानें इस बयान के पीछे की पूरी कहानी और ईरान की स्थिति पर उनके विचार।
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ईरान के नेता खामेनेई ने ट्रंप पर साधा निशाना, होर्मुज जलडमरूमध्य का नया प्रबंधन होगा शांति का प्रतीक

खामेनेई का बयान


हाल ही में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का नया प्रबंधन शांति लाने में सहायक होगा और दुश्मनों की मनमानी को समाप्त करेगा।


ट्रंप के साथ कोई समझौता नहीं


खामेनेई ने एक बयान में स्पष्ट किया कि इस्लामिक गणराज्य अपनी "परमाणु और मिसाइल क्षमताओं" को एक राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में सुरक्षित रखेगा, भले ही ट्रंप इन मुद्दों पर समझौता करने का प्रयास कर रहे हों।


खामेनेई का लिखित बयान


यह बयान ईरानी सरकारी टेलीविजन पर पढ़कर सुनाया गया। 28 फरवरी को हुए हवाई हमले में उनके 86 वर्षीय पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद से मोजतबा इसी तरह के बयानों का सहारा ले रहे हैं।


ईरान के 90 मिलियन नागरिक अपनी आध्यात्मिक, मानवीय, वैज्ञानिक, औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं को राष्ट्रीय संपत्ति मानते हैं, जिसमें नैनोटेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी से लेकर परमाणु और मिसाइल क्षमताएं शामिल हैं। वे इनकी रक्षा उसी तरह करेंगे जैसे वे अपने जल, थल और वायुक्षेत्र की रक्षा करते हैं।


खामेनेई ने यह भी कहा कि फारस की खाड़ी में अमेरिकियों की एकमात्र जगह "इसके पानी की गहराइयों में" है, और यह दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर तेहरान की पूरी पकड़ बनी हुई है। उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी क्षेत्र का उज्ज्वल भविष्य अमेरिका के बिना होगा।


यह भविष्य यहां के लोगों की प्रगति, सुख-सुविधा और समृद्धि के लिए समर्पित होगा। हम और फारस की खाड़ी तथा ओमान की खाड़ी के पार रहने वाले हमारे पड़ोसी एक साझा नियति से जुड़े हैं। जो विदेशी हजारों किलोमीटर दूर से यहां लालच और दुश्मनी की भावना से आते हैं, उनके लिए यहां कोई स्थान नहीं है।