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ईरान के विदेश मंत्री की भारत यात्रा: ट्रंप की चेतावनी और ब्रिक्स सम्मेलन में चर्चा

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अमेरिका के साथ कूटनीतिक समझौता करने की चेतावनी दी है। इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भारत में हैं, जहां उन्होंने एस जयशंकर के साथ पश्चिम एशिया संकट और ऊर्जा आपूर्ति पर चर्चा की। ब्रिक्स सम्मेलन में उनकी भागीदारी को सराहा गया, जबकि उन्होंने अमेरिका और इज़राइल की निंदा की। जानें इस महत्वपूर्ण वार्ता के बारे में और क्या है ईरान की स्थिति।
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ईरान के विदेश मंत्री की भारत यात्रा: ट्रंप की चेतावनी और ब्रिक्स सम्मेलन में चर्चा

ट्रंप की चेतावनी और ईरान की प्रतिक्रिया

 चीन के दौरे पर गए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अमेरिका के साथ जल्द से जल्द कूटनीतिक समझौता करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि यदि ईरान ऐसा नहीं करता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची दिल्ली में हैं, जहां उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ पश्चिम एशिया संकट और ऊर्जा आपूर्ति पर चर्चा की। अराघची तीन दिवसीय यात्रा पर ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने आए हैं। जयशंकर ने फेसबुक पर साझा किया कि उन्होंने अराघची के साथ विस्तृत वार्ता की, जिसमें द्विपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा की गई। #BRICSIndia2026 में उनकी भागीदारी की सराहना की गई। 


ब्रिक्स सम्मेलन में अराघची की भागीदारी

ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में अरघची की भागीदारी की सराहना 

अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान अवैध विस्तारवाद और युद्धोन्माद का शिकार है। उन्होंने ब्रिक्स देशों से अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन की निंदा करने का आग्रह किया। ये बातें उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के पहले दिन कहीं, जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर की अध्यक्षता में रूस, ब्राजील और अन्य देशों के विदेश मंत्रियों ने भाग लिया। अराघची ने कहा कि ईरान, अन्य स्वतंत्र देशों की तरह, अवैध विस्तारवाद का शिकार है। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा आयोजित इस बैठक का महत्व बढ़ गया है, क्योंकि यह पश्चिम एशिया संकट के आर्थिक प्रभावों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण है। ईरानी जनता ने भयानक हिंसा के बावजूद अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई है। क्या हम स्वतंत्रता के अपने आदर्श से पीछे हट गए? जवाब स्पष्ट है, हमने ऐसा नहीं किया और न ही कभी करेंगे। 


अराघची की अमेरिका और इज़राइल पर कड़ी टिप्पणी

अराघची ने अमेरिका और इज़राइल की कड़ी आलोचना की

अराघची ने ईरान को निशाना बनाने के लिए अमेरिका और इज़राइल की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि उनका देश “अटूट है और और अधिक मजबूत होकर उभरता है। जैसा कि मैंने बार-बार कहा है, ईरान से संबंधित किसी भी समस्या का सैन्य समाधान संभव नहीं है। हम ईरानी कभी किसी दबाव या धमकी के आगे नहीं झुकते, बल्कि सम्मान की भाषा का प्रयोग करते हैं।