ईरान के समुद्री खतरों से होर्मुज स्ट्रेट पर ऊर्जा संकट: पेंटागन की चेतावनी
होर्मुज स्ट्रेट में नाजुक स्थिति
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारे, होर्मुज स्ट्रेट, में स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। यह जलडमरूमध्य, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है, से तेल और गैस की आपूर्ति में रुकावट आने से एशिया से यूरोप तक के देशों में ऊर्जा संकट गहरा गया है। ईरान इस रणनीतिक मार्ग का उपयोग अपने लाभ के लिए कर रहा है। हाल ही में, अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल पैदा कर दी है।
पेंटागन का महत्वपूर्ण खुलासा
पेंटागन द्वारा हाल ही में आयोजित एक गोपनीय ब्रीफिंग ने विश्वभर में हलचल मचा दी है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने सांसदों को बताया कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बाद होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से सुरक्षित करने में छह महीने का समय लग सकता है। यह आकलन खुफिया रिपोर्टों पर आधारित है, जिसे अमेरिकी संसद की हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सदस्यों के साथ साझा किया गया।
ब्रीफिंग में यह भी बताया गया कि ईरान ने इस जलडमरूमध्य में बड़ी संख्या में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाई हैं, जिनकी संख्या 20 या उससे अधिक हो सकती है। कुछ माइंस को GPS तकनीक से नियंत्रित किया गया है, जिससे उन्हें ढूंढना और निष्क्रिय करना कठिन हो गया है।
क्या होर्मुज स्ट्रेट छह महीने तक बंद रहेगा?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने इन आकलनों पर सतर्क प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि छह महीने तक होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद रहने का अनुमान असंभव है। उन्होंने कहा कि किसी एक खुफिया आकलन को अंतिम सत्य मान लेना उचित नहीं है और मीडिया द्वारा लीक की गई जानकारी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
आर्थिक प्रभाव की गंभीरता
यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट विश्व के सबसे प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यदि यह मार्ग लंबे समय तक बाधित रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस स्थिति में पेट्रोल और डीजल की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं।
सफाई और सुरक्षा अभियान तब तक शुरू नहीं किया जा सकता जब तक अमेरिका और इजराइल का ईरान के साथ चल रहा युद्ध समाप्त नहीं हो जाता। इसका मतलब है कि संघर्ष जितना लंबा चलेगा, आर्थिक प्रभाव भी उतना ही गहरा होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि इस युद्ध के समाप्त होने की कोई निश्चित समयसीमा नहीं है।
स्थिति पर नजर
पेंटागन और व्हाइट हाउस लगातार यह दावा कर रहे हैं कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी हैं।
