ईरान के सामने अमेरिका की नौसेना की चुनौती: होर्मुज की खाड़ी में तनाव
अमेरिका की नौसेना की प्रतिष्ठा पर सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी नौसेना को विश्व की सबसे शक्तिशाली बताते हैं, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में उनकी स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है। ईरान की छोटी नौसेना के सामने अमेरिका की ताकत बेअसर होती नजर आ रही है। अमेरिका ने होर्मुज की खाड़ी को सुरक्षित करने के लिए सभी प्रयास किए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं मिल पाया है। इस क्षेत्र में ईरान का नियंत्रण बना हुआ है, जिसका एक वीडियो ईरानी सरकारी मीडिया ने जारी किया है।
ईरान की नौसेना की गश्त
वीडियो में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की नौसेना को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गश्त करते हुए दिखाया गया है। हाल ही में, अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस फ्रैंक ई. पीटरसन जूनियर का सामना IRGC की नौसेना से हुआ। IRGC ने इस विध्वंसक को वापस लौटने की चेतावनी दी।
अमेरिकी युद्धपोत को दी गई चेतावनी
ईरानी जहाज पर तैनात एक सैनिक ने कहा, 'यह सेपाह (आईआरजीसी) नौसेना स्टेशन है। आपको तुरंत अपना मार्ग बदलकर हिंद महासागर की ओर लौटना होगा। यदि आप आदेश का पालन नहीं करते हैं, तो हम कार्रवाई करेंगे।' इसके जवाब में, यूएसएस फ्रैंक ई. पीटरसन जूनियर पर तैनात एक जवान ने कहा कि उनका जहाज अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार ट्रांजिट मार्ग पर है।
अमेरिका ने युद्धपोतों की तैनाती की
अमेरिकी सेना ने शनिवार को जानकारी दी कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बारूदी सुरंगें हटाने का अभियान शुरू कर दिया है। दो विध्वंसक, यूएसएस फ्रैंक ई. पीटरसन जूनियर और यूएसएस माइकल मर्फी, होर्मुज की खाड़ी से गुजर रहे हैं और अरब खाड़ी में सक्रिय हैं। अमेरिका का दावा है कि ये बारूदी सुरंगें IRGC की नौसेना द्वारा बिछाई गई थीं।
नए मार्ग की खोज
सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि उन्होंने एक नया सुरक्षित मार्ग स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह मार्ग समुद्री उद्योग के साथ साझा किया जाएगा, जिससे व्यापार के मुक्त प्रवाह को बढ़ावा मिलेगा।
